रिपोर्ट सुधीर सिंह |
कंपिल/कायमगंज/फर्रुखाबाद/
तहसील क्षेत्र के कंपिल थाना अंतर्गत ग्राम सिकंदरपुर तिहैया में हुए अग्निकांड के बाद जिला प्रशासन ने तेजी से कार्रवाई करते हुए प्रभावित परिवारों को राहत पहुंचाने का सराहनीय कार्य किया है। घटना के तुरंत बाद राजस्व विभाग की टीम मौके पर पहुंची और नुकसान का विस्तृत आकलन कर शासन को रिपोर्ट उपलब्ध कराई, जिसके आधार पर राज्य आपदा मोचक निधि (एसडीआरएफ) से आर्थिक सहायता स्वीकृत कर दी गई।
जानकारी के अनुसार 30 मई को ग्राम सिकंदरपुर तिहैया में आग लगने की घटना में दो परिवारों को नुकसान हुआ था। आग की चपेट में आने से गांव निवासी नेत्रपाल पुत्र भगवान की छह भेड़ें और पशुबाड़ा क्षतिग्रस्त हो गया, जबकि कल्लू पुत्र भगवान की झोपड़ी भी जलकर खराब हो गई। घटना की सूचना मिलते ही प्रशासन सक्रिय हुआ और राजस्व विभाग के अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर क्षति का स्थलीय निरीक्षण किया।
राजस्व विभाग की रिपोर्ट के आधार पर जिला प्रशासन ने नेत्रपाल को पशुधन एवं पशुबाड़े की क्षति के लिए 27 हजार रुपये तथा कल्लू को झोपड़ी के नुकसान के लिए 8 हजार रुपये की आर्थिक सहायता स्वीकृत की है। इस प्रकार दोनों प्रभावितों को कुल 35 हजार रुपये की राहत राशि प्रदान की जाएगी।
जिला प्रशासन ने राहत वितरण में भी तत्परता दिखाते हुए संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि स्वीकृत धनराशि 24 घंटे के भीतर लाभार्थियों के बैंक खातों में भेजी जाए, ताकि प्रभावित परिवारों को तत्काल राहत मिल सके। इसके साथ ही क्षेत्रीय लेखपाल को सहायता वितरण की निगरानी और पूरे प्रकरण पर नजर बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं।
जिलाधिकारी डॉ. अंकुर लाठर ने कहा कि किसी भी आपदा की स्थिति में प्रशासन प्रभावित नागरिकों के साथ खड़ा है और राहत एवं पुनर्वास कार्यों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाती है। उन्होंने कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप पीड़ित परिवारों तक सहायता शीघ्र पहुंचाना प्रशासन की जिम्मेदारी है, जिसका पूरी गंभीरता से पालन किया जा रहा है।
डीएम ने लोगों से गर्मी के मौसम में विशेष सतर्कता बरतने की अपील भी की। उन्होंने कहा कि विद्युत उपकरणों का सुरक्षित उपयोग करें, खेतों, पशुबाड़ों और झोपड़ियों के आसपास ज्वलनशील पदार्थों का अनावश्यक भंडारण न करें तथा किसी भी आगजनी की घटना की सूचना तत्काल प्रशासन और संबंधित विभागों को दें, ताकि समय रहते प्रभावी कार्रवाई की जा सके।
अग्निकांड के बाद जिस तेजी से राजस्व विभाग और जिला प्रशासन ने राहत कार्यों को अंजाम दिया, उसे स्थानीय लोगों ने भी सराहा है। प्रशासन की त्वरित कार्रवाई से प्रभावित परिवारों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
