कायमगंज/फर्रुखाबाद।
खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत हो रही कार्रवाई से परेशान व्यापारियों ने अब अपनी आवाज बुलंद कर दी है। उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल उत्तर प्रदेश, कायमगंज इकाई ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को संबोधित ज्ञापन उपजिलाधिकारी कायमगंज के माध्यम से सौंपकर खाद्य कारोबारियों के सामने आ रही समस्याओं को उठाया है।
ज्ञापन में व्यापारियों ने आरोप लगाया कि खाद्य विभाग द्वारा सैंपल भरने की प्रक्रिया में कई खामियां हैं, जिससे रिटेलर, थोक विक्रेता और निर्माता सभी अनावश्यक परेशान हो रहे हैं। व्यापार मंडल ने मांग की कि सैंपल भरते समय निर्माता को भी विधिवत पक्षकार बनाया जाए और फॉर्म-5 तत्काल पंजीकृत डाक से भेजा जाए।
व्यापारियों का कहना है कि नकली और डुप्लीकेट सामान के मामलों में केवल रिटेलर और थोक विक्रेताओं को निशाना बनाया जाता है, जबकि निर्माता की जिम्मेदारी भी तय होनी चाहिए। उन्होंने यह भी शिकायत की कि खाद्य पदार्थों की जांच रिपोर्ट महीनों बाद आती है, जबकि नियमों के अनुसार 14 दिनों में रिपोर्ट मिलनी चाहिए।
ज्ञापन में यह भी कहा गया कि जांच रिपोर्ट में देरी के कारण खाद्य पदार्थों की एक्सपायरी डेट निकल जाती है, जिससे दोबारा जांच का कोई औचित्य नहीं रह जाता। व्यापारियों ने मांग की कि पहले केंद्रीय प्रयोगशाला की रिपोर्ट आने के बाद ही माल को नष्ट या जब्त करने की कार्रवाई की जाए।
इसके अलावा व्यापार मंडल ने कहा कि मामूली मामलों में धारा-69 के तहत शीघ्र न्याय व्यवस्था लागू की जाए और खाद्य मामलों के निस्तारण के लिए पूर्णकालिक न्याय निर्णायक अधिकारियों की नियुक्ति की जाए।
व्यापारियों ने यह भी मांग उठाई कि निजी लैब की रिपोर्ट के आधार पर निर्माताओं के खिलाफ की जा रही कार्रवाई पर रोक लगे और खाद्य पदार्थों के मानक नए सिरे से तय किए जाएं।
अंत में व्यापारियों ने सरकार से सर्वे सैंपलों की रिपोर्ट सार्वजनिक करने और व्यापारियों के हितों की रक्षा के लिए स्पष्ट नीति बनाने की मांग की।
ज्ञापन पर नगर अध्यक्ष अमित सेठ, नगर महामंत्री संजीव अग्रवाल, प्रदेश उपाध्यक्ष पवन गुप्ता, जिला उपाध्यक्ष अभिषेक अग्रवाल नगर उपाध्यक्ष प्रेम कमल गुप्ता, नगर उपाध्यक्ष आलोक सक्सेना, वरिष्ठ नगर मंत्री विनीत सक्सेना, युवा नगर अध्यक्ष विशाल गुप्ता,सहित कई व्यापारियों के हस्ताक्षर मौजूद रहे।
व्यापारियों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो वे आगे बड़ा आंदोलन करने को मजबूर होंगे।
