जिलाधिकारी का गौशालाओं में औचक निरीक्षण: मिली लापरवाही, अधिकारियों को निर्देश |

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फर्रुखाबाद/

जनपद की गौशालाओं को बेहतर और व्यवस्थित बनाने के उद्देश्य से जिलाधिकारी डॉ. अंकुर लाठर ने रविवार को सकबाई स्थित कान्हा गौशाला का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान जहां एक ओर व्यवस्थाओं की हकीकत सामने आई, वहीं कई गंभीर लापरवाहियां भी उजागर हुईं, जिस पर जिलाधिकारी ने कड़ा रुख अपनाते हुए संबंधित अधिकारियों को फटकार लगाई और कार्रवाई के निर्देश दिए।

निरीक्षण के दौरान पाया गया कि गौशाला में कुल 461 गौवंश पशुगणना रजिस्टर में दर्ज हैं। यहां 15 केयर टेकर तैनात हैं, लेकिन मौके पर केवल 11 ही उपस्थित मिले, जबकि चार अवकाश पर थे। जिलाधिकारी ने मौके पर व्यवस्थाओं का गहन निरीक्षण किया, जिसमें कई जरूरी रजिस्टर—जैसे स्टॉक रजिस्टर, टैगिंग रजिस्टर, चिकित्सा, निरीक्षण और वैक्सीनेशन रजिस्टर—उपलब्ध नहीं पाए गए। इसके अलावा गौशाला में लगे सीसीटीवी कैमरे भी खराब हालत में मिले, जिससे निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए।

सबसे गंभीर बात यह रही कि निरीक्षण के समय नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी मौके पर अनुपस्थित पाए गए। इस पर जिलाधिकारी ने कड़ी नाराजगी जताते हुए उनके खिलाफ कारण बताओ नोटिस जारी करने और अगले आदेश तक वेतन रोकने के निर्देश दिए। वहीं, नगर पालिका के सहायक अभियंता विशाल सिंह भी मौके पर मौजूद तो थे, लेकिन जरूरी जानकारी देने में असमर्थ रहे। इस लापरवाही पर उनके खिलाफ भी प्रतिकूल प्रविष्टि और वेतन रोकने की कार्रवाई के निर्देश दिए गए।

गौशाला में पेयजल की स्थिति का जायजा लेने पर दो समर (पानी की व्यवस्था के उपकरण) चालू मिले, जबकि दो पानी की टंकियां अभी निर्माणाधीन स्थिति में थीं। केयर टेकरों ने बताया कि गौवंश को प्रतिदिन दो बार भूसा दिया जा रहा है और करीब 40 कुंतल हरा चारा भी रोजाना उपलब्ध कराया जाता है।

निरीक्षण के बाद जिलाधिकारी ने व्यवस्थाओं को सुधारने के लिए कई अहम निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि केयर टेकरों की ड्यूटी दिन और रात की शिफ्ट में व्यवस्थित ढंग से लगाई जाए। साथ ही भूसा और दाने का सुरक्षित भंडारण सुनिश्चित किया जाए और गौवंश को पर्याप्त मात्रा में हरा चारा नियमित रूप से दिया जाए। उन्होंने सभी जरूरी रजिस्टर अपडेट रखने और निरीक्षण के समय उपलब्ध कराने के भी निर्देश दिए।

इसके अलावा जिलाधिकारी ने गौशाला परिसर में बड़े स्तर पर वृक्षारोपण कराने पर जोर दिया, ताकि पशुओं को छाया मिल सके और पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिले। साथ ही सीसीटीवी कैमरों को तत्काल ठीक कराने और उनकी नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

जिलाधिकारी ने साफ शब्दों में कहा कि गौशालाओं के संचालन में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि सभी व्यवस्थाएं समयबद्ध तरीके से दुरुस्त की जाएं और नियमित निरीक्षण व निगरानी सुनिश्चित की जाए, ताकि गौवंश के संरक्षण और देखभाल में कोई कमी न रहे।

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