नेपाल के गृह मंत्री सुधन गुरुङ ने 26 दिन में इस्तीफा दिया
नेपाल के गृह मंत्री सुधन गुरुङ ने पदभार संभालने के महज 26 दिन बाद ही इस्तीफा दे दिया। गुरुङ ने यह कदम एक विवादास्पद कारोबारी दीपक भट्ट के साथ अपनी व्यापारिक हिस्सेदारी को लेकर उठे सवालों के बाद उठाया। फेसबुक पोस्ट के माध्यम से गुरुङ ने बताया कि उन्होंने सार्वजनिक आलोचना को गंभीरता से लिया और सार्वजनिक जीवन में नैतिकता बनाए रखने के लिए इस्तीफा देने का फैसला किया।
गुरुङ ने लिखा, “मेरे लिए नैतिकता किसी भी पद से अधिक महत्वपूर्ण है और जनता का विश्वास सर्वोपरि है। मुझे विश्वास है कि सार्वजनिक जीवन स्वच्छ होना चाहिए और नेतृत्व को जवाबदेह होना चाहिए।”
उन्होंने आगे कहा, “जब मेरे 46 भाइयों और बहनों के बलिदानों पर बनी सरकार के खिलाफ सवाल उठते हैं, तो एकमात्र जवाब नैतिकता ही है। यही नैतिक दायित्व मेरी जिम्मेदारी है।
यह विवाद गुरुङ की स्टार माइक्रो इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड में हिस्सेदारी को लेकर है। आरोप है कि उन्होंने इस कंपनी में 25 लाख रुपये का निवेश किया था, जिसमें मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपी दीपक भट्ट और कारोबारी सुलभ अग्रवाल भी साझेदार हैं। इस मुद्दे ने उनके खिलाफ सवाल उठाए और यह आरोप भी सामने आया कि गुरुङ ने अपनी आधिकारिक संपत्ति घोषणा में इन शेयरों को शामिल नहीं किया।
गुरुङ ने कहा, “मैंने अपने संबंधित मामलों की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने और किसी भी हितों के टकराव से बचने के लिए यह कदम उठाया है।”
वहीं, बालेंद्र शाह ने शुक्रवार को नेपाल के प्रधानमंत्री के रूप में शपथ ली। वह राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (आरएसपी) के नेता हैं और शपथ ग्रहण समारोह काठमांडू के शीतल निवास स्थित राष्ट्रपति कार्यालय में हुआ। शपथ के दौरान शाह का समर्थन करने वाले उनके समर्थक ‘बालेन’ के नाम से उन्हें जानते हैं।
नेपाल के राजनीतिक परिप्रेक्ष्य में यह घटनाएँ महत्वपूर्ण मोड़ पर हैं, जहाँ एक ओर सुधन गुरुङ का इस्तीफा नैतिकता और पारदर्शिता के मुद्दे पर सवाल उठाता है, वहीं बालेंद्र शाह के प्रधानमंत्री बनने से नेपाल में नए नेतृत्व की उम्मीदें जागी हैं।
