कायमगंज/फर्रुखाबाद |
उत्तर प्रदेश में अपराधियों और उनके द्वारा अवैध रूप सेअर्जित की गई संपत्तियों के खिलाफ प्रशासन का कड़ा रुख जारी है। इसी क्रम में शनिवार को कायमगंज क्षेत्र के अंतर्गत पुलिस और राजस्व टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए जुबैर खान गैंग के सक्रिय सदस्य तारीख उर्फ तालिब की करोड़ों रुपये की संपत्ति कुर्क कर ली।
ढोल-नगाड़ों के साथ हुई मुनादी
जिलाधिकारी के आदेश पर शनिवार को नायब तहसीलदार हर्षित, प्रभारी निरीक्षक मदन मोहन चतुर्वेदी और विवेचनाधिकारी राजीव पाण्डेय भारी पुलिस बल के साथ तालिब के पैतृक गांव किला मऊरशीदाबाद पहुंचे। प्रशासन ने पारदर्शिता और सार्वजनिक सूचना के लिए ढोल-नगाड़ों के साथ गांव में मुनादी कराई और इसके बाद कुर्की की कानूनी प्रक्रिया शुरू की।
जब्त की गई संपत्तियों का विवरण प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, गैंगस्टर एक्ट की धारा 14(1) के तहत तालिब द्वारा अपराध के जरिए कमाई गई चल और अचल दोनों संपत्तियों को निशाना बनाया गया है। कुर्क की गई कुल संपत्ति की कीमत ₹1,04,74,106 आंकी गई है, जिसमें शामिल है:
आवासीय भवन ₹61 लाख की कीमत का मकान (जिसे सील कर दिया गया है)।
वाहन ₹43.74 लाख से अधिक मूल्य की गाड़ियाँ।
परिजनों के साथ हुई नोकझोंक
कार्रवाई के दौरान मौके पर मौजूद तालिब के परिजनों और प्रशासनिक टीम के बीच कागजी दस्तावेजों को लेकर काफी देर तक तीखी बहस हुई। हालांकि, पुलिस ने स्थिति को संभालते हुए मकान की दीवारों पर कुर्की और संबंधित मुकदमे का विवरण अंकित कर दिया।
जुबैर खान गैंग पर प्रशासन का शिकंजा यह कार्रवाई क्षेत्र में सक्रिय जुबैर खान गैंग के खिलाफ चल रहे बड़े अभियान का हिस्सा है। इससे पहले भी प्रशासन इस गैंग पर कड़ी कार्रवाई कर चुका है:
1. जुबैर खान और रुखसाना गैंग लीडर जुबैर और उसकी माँ की ₹26 करोड़ की संपत्ति पहले ही कुर्क की जा चुकी है।
2. सुखबीर यादव 26 फरवरी को गैंग के सदस्य सुखबीर की ₹1.75 करोड़ की संपत्ति जब्त की गई थी।
गैंग की वर्तमान स्थिति
खबर के अनुसार, जुबैर खान गैंग में रामनरेश, पुष्पेंद्र, मोबीन और तालिब जैसे सदस्य शामिल हैं। वर्तमान में जुबैर और मोबीन ने आत्मसमर्पण कर दिया है, जबकि सुखबीर जेल में है। अन्य कुछ सदस्यों ने कोर्ट से गिरफ्तारी पर स्टे ले रखा है और रामनरेश अभी भी पुलिस की पकड़ से बाहर (फरार) है।
इस बड़ी कार्रवाई के बाद पूरे इलाके में हड़कंप मच गया और स्थानीय ग्रामीणों की भारी भीड़ इस प्रशासनिक कार्रवाई को देखने के लिए जुटी रही।
