कायमगंज/फर्रुखाबाद।
जिले के कायमगंज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) में रात स्वास्थ्य व्यवस्थाओं की गंभीर लापरवाही सामने आई। अचानक बिजली आपूर्ति ठप होने के बाद अस्पताल का बैकअप सिस्टम भी फेल हो गया, जिससे मरीजों और नवजात शिशुओं को भीषण गर्मी व उमस में भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। हालात इतने खराब हो गए कि अस्पताल कर्मियों को टॉर्च की रोशनी में जनरेटर का हैंडल तलाशना पड़ा।
जानकारी के अनुसार रात करीब साढ़े दस बजे से इमरजेंसी वार्ड में मरीजों की भीड़ बढ़ गई। पेट दर्द, उल्टी-दस्त और घबराहट की शिकायत लेकर पहुंचे मरीजों के कारण अस्पताल में बेड कम पड़ गए। मजबूरी में एक-एक बेड पर दो-दो मरीजों को भर्ती कर इलाज किया गया। इसी दौरान बिजली चली गई, जिससे वार्डों में उमस और गर्मी से अफरा-तफरी मच गई।
सबसे ज्यादा परेशानी प्रसूति कक्ष में भर्ती महिलाओं और नवजात शिशुओं को उठानी पड़ी। बिजली न होने से पंखे बंद हो गए और तीमारदार हाथ के पंखों व गत्ते से हवा कर मरीजों को राहत देने की कोशिश करते रहे।
जब ड्यूटी पर मौजूद डॉक्टरों से जनरेटर न चलने का कारण पूछा गया तो पता चला कि जनरेटर का हैंडल ही गायब था। इसके बाद चिकित्सा अधीक्षक डॉ. विपिन कुमार और कर्मचारियों ने मोबाइल और टॉर्च की रोशनी में करीब 15 मिनट तक हैंडल की तलाश की। काफी खोजबीन के बाद हैंडल मिलने पर जनरेटर चालू किया जा सका, तब जाकर मरीजों को कुछ राहत मिली।
चिकित्सा अधीक्षक डॉ. विपिन कुमार ने बताया कि अस्पताल में केवल 5 किलोवाट क्षमता का छोटा जनरेटर है, जिससे पूरे अस्पताल का लोड नहीं चल पाता। उन्होंने कहा कि बड़े जनरेटर की मांग मुख्यालय को भेजी गई है।
इस घटना ने सरकारी अस्पतालों में 24 घंटे बिजली और बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं के दावों की पोल खोल दी है। स्थानीय लोगों का कहना है कि गर्मी के मौसम में ऐसी लापरवाही मरीजों की जान पर भारी पड़ सकती है।
