पितृ अमावस्या पर पांचाल घाट पर उमड़ा आस्था का सैलाब, गंगा स्नान, तर्पण और दान-पुण्य कर पूर्वजों को किया याद |

By
Manoj Jauhri
Manoj Jauhri ब्यूरो चीफ (फर्रुखाबाद) - एक अनुभवी पत्रकार हैं, जो राजनीति, अपराध, शिक्षा, मनोरंजन और स्थानीय समाचारों पर पोस्ट करते हैं। वे तथ्यों पर आधारित...
4 Min Read

फर्रुखाबाद।

Ad image

पितृ अमावस्या के पावन अवसर पर शनिवार को फर्रुखाबाद के ऐतिहासिक पांचाल घाट पर आस्था का अद्भुत नजारा देखने को मिला। सुबह की पहली किरण निकलने से पहले ही गंगा तट पर श्रद्धालुओं के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया। सुबह करीब पांच बजे से घाटों पर भक्तों की भीड़ बढ़ने लगी और देखते ही देखते पूरा गंगा तट श्रद्धा, भक्ति और धार्मिक उल्लास से सराबोर हो उठा। किसी ने मां गंगा में डुबकी लगाकर पुण्य अर्जित किया तो किसी ने अपने पितरों की आत्मा की शांति के लिए विधि-विधान से तर्पण और पूजा-अर्चना की। गंगा घाट पर गूंजते हर-हर गंगे के जयकारों के बीच श्रद्धालु पूरी आस्था के साथ धार्मिक अनुष्ठानों में जुटे रहे।

पितृ अमावस्या को सनातन धर्म में पितरों के स्मरण, तर्पण और दान-पुण्य के लिए विशेष महत्व दिया जाता है। इसी धार्मिक मान्यता के चलते बड़ी संख्या में श्रद्धालु पांचाल घाट पहुंचे। लोगों ने मां गंगा में स्नान कर अपने पूर्वजों को श्रद्धापूर्वक याद किया और परिवार की सुख-समृद्धि, शांति तथा कल्याण की कामना की। स्नान के बाद श्रद्धालुओं ने घाट पर मौजूद आचार्यों के सानिध्य में वैदिक मंत्रोच्चार के बीच तर्पण की प्रक्रिया पूरी की। इसके बाद जरूरतमंदों को अन्न, वस्त्र और दक्षिणा दान कर पुण्य लाभ प्राप्त करने की कामना की।

भोर से ही घाटों पर शुरू हो गया आस्था का संगम

शनिवार सुबह पांचाल घाट पर श्रद्धालुओं की आवाजाही लगातार बनी रही। सुबह होते-होते घाट पर धार्मिक गतिविधियां तेज हो गईं। कोई अपने माता-पिता और पूर्वजों की स्मृति में पूजा कर रहा था तो कोई पितरों के निमित्त जल अर्पित कर रहा था। परिवार के साथ पहुंचे श्रद्धालुओं ने गंगा स्नान के बाद विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। घाटों पर श्रद्धा और भक्ति का माहौल नजर आया। पितृ अमावस्या के अवसर पर लोगों ने अपनी पारिवारिक परंपराओं के अनुसार धार्मिक कर्मकांड संपन्न किए।

कई जिलों से पहुंचे श्रद्धालु, गंगा तट पर दिखी रौनक

पांचाल घाट पर केवल फर्रुखाबाद और आसपास के क्षेत्रों के लोग ही नहीं, बल्कि दूसरे जिलों से भी श्रद्धालु पहुंचे। हरदोई, शाहजहांपुर, मैनपुरी, इटावा और कन्नौज समेत आसपास के कई जनपदों से आए लोगों ने मां गंगा में आस्था की डुबकी लगाई। सुबह से ही श्रद्धालुओं की मौजूदगी के चलते घाट पर धार्मिक चहल-पहल बनी रही। दूर-दराज से आए लोगों ने स्नान और पूजा-अर्चना के बाद अपने पितरों के निमित्त तर्पण किया तथा दान-पुण्य के माध्यम से पूर्वजों के प्रति अपनी श्रद्धा व्यक्त की।

पितरों के स्मरण और दान-पुण्य का रहा विशेष महत्व

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार पितृ अमावस्या पर पूर्वजों का स्मरण कर उनके निमित्त तर्पण और दान करने की परंपरा है। इसी परंपरा का निर्वहन करते हुए श्रद्धालुओं ने गंगा स्नान के बाद अपने पितरों को जल अर्पित किया। कई लोगों ने जरूरतमंदों को भोजन, अन्न, वस्त्र और दक्षिणा देकर दान-पुण्य किया। श्रद्धालुओं का मानना है कि इस दिन सच्चे मन से किए गए धार्मिक कर्मों और पूर्वजों के स्मरण से परिवार में सुख-शांति और समृद्धि की कामना की जाती है।

पितृ अमावस्या पर पांचाल घाट का नजारा फर्रुखाबाद की धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं की जीवंत तस्वीर पेश करता नजर आया। गंगा तट पर उमड़ी भीड़ और श्रद्धालुओं की आस्था ने पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया। मां गंगा में स्नान, पितरों का तर्पण और दान-पुण्य करते श्रद्धालुओं के बीच दिनभर धार्मिक उत्साह का माहौल बना रहा।

Subscribe Newsletter

Loading
Share This Article
Manoj Jauhri ब्यूरो चीफ (फर्रुखाबाद) - एक अनुभवी पत्रकार हैं, जो राजनीति, अपराध, शिक्षा, मनोरंजन और स्थानीय समाचारों पर पोस्ट करते हैं। वे तथ्यों पर आधारित और विश्वसनीय समाचार सामग्री तैयार करने में विशेषज्ञता रखते हैं।
Leave a Comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *