फर्रुखाबाद।
बीते दिनों चक्रवाती तूफान और लगातार हुई मूसलाधार बारिश ने आम आदमी के जीवन में ग्रहण लगा दिया। लगातार बारिश से कच्चे और पुराने जर्जर मकान क्षतिग्रस्त हो गए हैं। कुछ मकानों का हिस्सा गिर गया है, जबकि कुछ कभी भी गिर सकते हैं। वार्ड नंबर 34 भगत सिंह नगर, मकान नंबर 4/36 (बजरिया हरलाल) निवासी पल्लेदारी का काम करने वाली नीलम पत्नी अवधेश ने बताया कि उनका मकान पूरी तरह मिट्टी और लकड़ी की धन्नियों से काफी पुराना बना हुआ है। प्रधानमंत्री आवास योजना के लिए वह अभी तक तीन बार आवेदन कर चुकी हैं। आखिरी बार उन्होंने 16 अप्रैल 2025 को आवेदन किया था। पति अवधेश पल्लेदारी कर इस महंगाई में किसी तरह परिवार का पालन-पोषण कर रहे हैं।मकान की जर्जर हालत के चलते कभी भी हादसा हो सकता है। मकान का कुछ हिस्सा गिर भी चुका है। बाकी धन्नियों और लकड़ी के पटलों के सहारे मिट्टी से बना घर कभी भी गिर सकता है और किसी प्रकार की अप्रिय घटना हो सकती है।नीलम ने बताया कि मोहल्ले के अन्य लोगों ने भी प्रधानमंत्री आवास योजना के लिए आवेदन किया है, लेकिन आज तक किसी की भी जांच प्रक्रिया शुरू नहीं हुई है। गरीबी के कारण मकान का निर्माण कराने में असमर्थ परिवार ने प्रशासन से प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत मकान निर्माण में सहयोग करने की प्रार्थना की है।

