कायमगंज/फर्रुखाबाद।
उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ के आह्वान पर आठ सूत्रीय मांगों को लेकर जिले की तीनों तहसीलों अमृतपुर, सदर और कायमगंज में लेखपालों ने पटल संबंधी कार्यालयी कार्यों से अवमुक्त किए जाने के लिए अपने-अपने प्रत्यावेदन प्रस्तुत किए। लेखपालों ने स्पष्ट किया कि वह पटल के कार्यालयी कार्यों से अलग रहेंगे, जबकि अपने मूल क्षेत्रीय एवं फील्ड कार्यों का निर्वहन करते रहेंगे।
अमृतपुर तहसील में लेखपाल निधि गुप्ता, पिंकी गौतम, महावीर श्रीवास्तव, मो. आबिद और रनवीर सिंह ने तहसील प्रशासन को लिखित प्रत्यावेदन सौंपकर स्वयं को पटल कार्य से अवमुक्त किए जाने का अनुरोध किया। लेखपालों का कहना है कि संघ के आह्वान के क्रम में यह कदम उठाया गया है। उन्होंने कहा कि पटल संबंधी अतिरिक्त कार्यालयी कार्यों से अलग रहकर वह अपने मूल दायित्व के तहत क्षेत्र में आवश्यक कार्य करते रहेंगे।
सदर तहसील में लेखपाल सत्य सिंह और अशोक त्रिपाठी ने भी पटल प्रभारी का कार्य छोड़ने के लिए अपना प्रत्यावेदन प्रस्तुत किया। उन्होंने तहसीलदार सदर विक्रम सिंह चाहर को पटल से अवमुक्त किए जाने के संबंध में लिखित प्रार्थना पत्र सौंपा। लेखपालों के इस कदम के बाद तहसील स्तर पर पटल कार्यों को लेकर स्थिति चर्चा का विषय बनी रही।
कायमगंज तहसील में भी लेखपालों ने संघ के आह्वान के क्रम में अपना प्रत्यावेदन प्रस्तुत किया। यहां लेखपाल राजेंद्र सिंह, अभिषेक अग्निहोत्री, आकाश भदौरिया, सुमित, प्रेरणा मिश्रा और मीना ने पटल कार्य से अवमुक्त किए जाने के लिए अपना लिखित प्रत्यावेदन सौंपा।
लेखपाल संघ की ओर से प्रदेश सरकार के समक्ष 2800 ग्रेड पे, वाहन भत्ते में वृद्धि, पदोन्नति प्रक्रिया में तेजी, पदनाम परिवर्तन, लेखपालों के पदों में वृद्धि, हल्कों का पुनर्निर्धारण, लेखपाल पद को तकनीकी पद घोषित करने तथा अंतरमंडलीय स्थानांतरण खोलने समेत आठ सूत्रीय मांगें रखी गई हैं।
लेखपालों के अनुसार संघ के निर्देश पर पटल संबंधी कार्यों से अलग रहने का निर्णय लिया गया है। उनका कहना है कि पटल कार्य से अवमुक्त होने के बावजूद राजस्व एवं अन्य आवश्यक फील्ड कार्य प्रभावित नहीं किए जाएंगे। तीनों तहसीलों में लेखपालों द्वारा प्रत्यावेदन सौंपे जाने से प्रशासनिक स्तर पर पटल कार्यों के संचालन को लेकर हलचल बढ़ गई है।

