फर्रुखाबाद।
जिले में स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति सुधारने को लेकर प्रशासन ने अब सख्त रुख अपना लिया है। जिलाधिकारी डॉ. अंकुर लाठर की अध्यक्षता में जिला स्वास्थ्य समिति (DHS) की बैठक में विभिन्न स्वास्थ्य योजनाओं और कार्यक्रमों की प्रगति की बिंदुवार समीक्षा की गई। बैठक में खराब प्रदर्शन वाले क्षेत्रों को लेकर डीएम ने अधिकारियों को स्पष्ट चेतावनी देते हुए योजनाओं में अपेक्षित सुधार लाने और लक्ष्य के अनुरूप कार्य सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
बैठक में आयुष्मान भारत योजना के साथ-साथ ABHA आईडी और आयुष्मान कार्ड बनाए जाने की प्रगति की भी समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने कहा कि पात्र लोगों को स्वास्थ्य योजनाओं का लाभ दिलाने में किसी तरह की ढिलाई नहीं होनी चाहिए। कम प्रगति वाले क्षेत्रों पर विशेष निगरानी रखने तथा लक्ष्य पूरा कराने के निर्देश दिए गए।
डीएम ने आशा कार्यकर्ताओं के कार्यों की भी समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिए कि जिन आशा कार्यकर्ताओं का प्रदर्शन लगातार कमजोर है, उनकी सूची तैयार कर उपलब्ध कराई जाए, ताकि उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जा सके। प्रशासन का जोर जमीनी स्तर पर स्वास्थ्य योजनाओं की वास्तविक पहुंच सुनिश्चित करने पर है।
मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर भी बैठक में गंभीरता दिखाई गई। शहरी क्षेत्रों में प्रसव पूर्व जांच यानी ANC की स्थिति सुधारने के निर्देश दिए गए। कम प्रगति वाले इलाकों में ANC, संस्थागत प्रसव और नियमित टीकाकरण की लगातार निगरानी करने को कहा गया। सभी PHC और CHC पर मातृ मृत्यु समीक्षा से संबंधित MDSR प्रक्रिया को गंभीरता से लागू करने के निर्देश भी दिए गए।
संस्थागत प्रसव की कम प्रगति पर शमसाबाद, बढ़पुर और नवाबगंज क्षेत्रों में विशेष टीमें भेजकर कारणों की जांच कराने के निर्देश दिए गए हैं। अधिकारियों को यह पता लगाने के लिए कहा गया है कि इन क्षेत्रों में संस्थागत प्रसव का लक्ष्य प्रभावित क्यों हो रहा है और इसमें सुधार के लिए क्या कदम उठाए जाने आवश्यक हैं।
वहीं टीकाकरण में लापरवाही के मामले में डीएम ने कड़ा रुख अपनाते हुए UPHC रकाबगंज की आशा कार्यकर्ता सुनीता दुबे की सेवाएं समाप्त करने के निर्देश दिए। इस कार्रवाई से स्वास्थ्य विभाग में जिम्मेदारी और कार्यप्रणाली को लेकर सख्ती का संदेश गया है।
बैठक में स्वास्थ्य सुविधाओं को और बेहतर बनाने के लिए ITI और मोहम्मदाबाद में नए चिकित्सकों की तैनाती के निर्देश भी दिए गए। जिलाधिकारी ने अधिकारियों से कहा कि स्वास्थ्य केंद्रों पर चिकित्सकों और जरूरी सेवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए, ताकि ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों में आने वाले मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकें।
जिलाधिकारी ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को योजनाओं की केवल कागजी प्रगति तक सीमित न रहने और धरातल पर परिणाम दिखाई देने पर जोर दिया। उन्होंने खराब प्रदर्शन वाले क्षेत्रों की लगातार समीक्षा करते हुए कमियों को दूर कराने तथा लापरवाही सामने आने पर नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

