खाद्य प्रसंस्करण उद्योगों की स्थापना के लिए ग्रामीणों को किया जागरूक
एटा। मुख्यमंत्री ग्राम स्वरोजगार प्रशिक्षण कार्यक्रम के अंतर्गत राजकीय फल संरक्षण केंद्र, एटा की ओर से ग्राम महानमाई, विकास खंड जलेसर में 27 और 28 अक्टूबर को दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें ग्रामीणों को खाद्य प्रसंस्करण उद्योग स्थापित कर स्वरोजगार अपनाने के लिए प्रेरित किया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ ग्राम प्रधान प्रतिनिधि छोटेलाल सिंह ने फीता काटकर एवं मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इस दौरान लाभार्थियों को प्रशिक्षण किट और आवश्यक स्टेशनरी सामग्री भी वितरित की गई।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि सेवानिवृत्त प्रभारी जगदीश चंद शर्मा ने योजना से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां दीं। प्रशिक्षक सुनील कुमार ने खाद्य प्रसंस्करण उद्योग स्थापित करने की प्रक्रिया समझाई। वहीं, राजकीय फल संरक्षण केंद्र, एटा के प्रभारी शैलेन्द्र कुमार वर्मा ने खाद्य पदार्थों के संरक्षण, उद्योगों में उपयोग होने वाली मशीनों और स्वरोजगार की संभावनाओं पर विस्तार से प्रकाश डाला।
प्रशिक्षण के दौरान लाभार्थियों को बेकरी, डेयरी, मसाला उद्योग, आटा चक्की और मिनी तेल मिल जैसी खाद्य प्रसंस्करण इकाइयां स्थापित करने की जानकारी दी गई। साथ ही, उद्योगों के लिए आवश्यक मशीनरी एवं उपकरणों के चयन और उनके उपयोग के बारे में भी बताया गया।
प्रभारी शैलेन्द्र कुमार वर्मा ने खाद्य प्रसंस्करण विभाग की विभिन्न योजनाओं, मशीनरी एवं उपकरणों पर मिलने वाले अनुदान तथा उत्तर प्रदेश खाद्य प्रसंस्करण उद्योग नीति-2023 के अंतर्गत उपलब्ध प्रोत्साहन की जानकारी दी। उन्होंने लाभार्थियों से योजनाओं का लाभ उठाकर स्वरोजगार अपनाने का आह्वान किया।
प्रशिक्षण कार्यक्रम के समापन पर 28 अक्टूबर को ग्राम प्रधान प्रतिनिधि ने प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले लाभार्थियों को प्रमाण पत्र वितरित किए। अधिकारियों ने बताया कि इस तरह के प्रशिक्षण से ग्रामीण क्षेत्रों में स्वरोजगार को बढ़ावा देने, स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर सृजित करने और लोगों की आय बढ़ाने में मदद मिलेगी।
