फर्रुखाबाद/
उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (यूपीटीईटी) को निष्पक्ष, शांतिपूर्ण और पारदर्शी ढंग से संपन्न कराने के लिए जिला प्रशासन ने व्यापक तैयारियां पूरी कर ली हैं। जिलाधिकारी डॉ. अंकुर लाठर की अध्यक्षता में बुधवार को कलेक्ट्रेट सभागार, फतेहगढ़ में आयोजित बैठक में परीक्षा से जुड़े सभी अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। बैठक में परीक्षा व्यवस्था, सुरक्षा, पेयजल, बिजली, स्वास्थ्य सेवाओं तथा महिला अभ्यर्थियों की सुरक्षा सहित सभी व्यवस्थाओं की विस्तार से समीक्षा की गई।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि परीक्षा ड्यूटी में लगाए गए सभी सेक्टर मजिस्ट्रेट, स्टेटिक मजिस्ट्रेट, केंद्र व्यवस्थापक, सह केंद्र व्यवस्थापक, कक्ष निरीक्षक तथा अन्य अधिकारी शासन की गाइडलाइन का पूरी गंभीरता से पालन करें। उन्होंने कहा कि किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और परीक्षा की निष्पक्षता सर्वोच्च प्राथमिकता होगी।
बैठक में बताया गया कि जिले के 19 परीक्षा केंद्रों पर कुल 31,560 अभ्यर्थी परीक्षा देंगे। परीक्षा का आयोजन 2, 3 और 4 जुलाई को कुल पांच पालियों में किया जाएगा। प्रत्येक पाली में 6,312 अभ्यर्थी शामिल होंगे। पहली पाली सुबह 9:30 बजे से दोपहर 12:00 बजे तक तथा दूसरी पाली दोपहर 2:30 बजे से शाम 5:00 बजे तक आयोजित होगी।
जिलाधिकारी ने कार्यदायी संस्थाओं को निर्देश दिए कि सभी परीक्षा केंद्रों पर समय से आवश्यक सामग्री उपलब्ध करा दी जाए, ताकि केंद्र व्यवस्थापकों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। साथ ही सेक्टर मजिस्ट्रेटों को परीक्षा शुरू होने से पहले प्रत्येक केंद्र का निरीक्षण कर यह प्रमाणित करने के निर्देश दिए गए कि सभी आवश्यक व्यवस्थाएं पूरी कर ली गई हैं।
महिला अभ्यर्थियों की सुरक्षा को विशेष प्राथमिकता देते हुए जिलाधिकारी ने सभी परीक्षा केंद्रों पर पर्याप्त संख्या में महिला कर्मियों की तैनाती सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। नगर पालिका को प्रत्येक केंद्र पर स्वच्छ पेयजल एवं साफ-सफाई की समुचित व्यवस्था करने के लिए कहा गया, जबकि मुख्य चिकित्सा अधिकारी को गर्मी को देखते हुए ओआरएस के पैकेट उपलब्ध कराने तथा आवश्यक स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध रखने के निर्देश दिए गए।
विद्युत व्यवस्था को लेकर भी प्रशासन पूरी तरह सतर्क दिखाई दिया। अधिशासी अभियंता विद्युत विभाग को निर्देशित किया गया कि परीक्षा अवधि के दौरान किसी भी परीक्षा केंद्र पर बिजली आपूर्ति बाधित न होने पाए। यदि किसी तकनीकी कारण से विद्युत आपूर्ति प्रभावित होती है तो तत्काल जनरेटर के माध्यम से वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
जिला विद्यालय निरीक्षक ने बताया कि परीक्षा के सफल संचालन के लिए जिले में 19 सेक्टर मजिस्ट्रेट, 19 स्टेटिक मजिस्ट्रेट, 19 केंद्र व्यवस्थापक, 19 सह केंद्र व्यवस्थापक तथा 526 कक्ष निरीक्षकों की तैनाती की गई है। सभी अधिकारियों को उनकी जिम्मेदारियों से अवगत करा दिया गया है।
बैठक में पुलिस अधीक्षक आरती सिंह, अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) अरुण कुमार सिंह, अपर पुलिस अधीक्षक गिरीश कुमार सिंह, जिला विद्यालय निरीक्षक संजीव कुमार सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। अधिकारियों ने भरोसा दिलाया कि शासन के निर्देशों के अनुरूप परीक्षा को पूरी पारदर्शिता, सुरक्षा और व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराया जाएगा।
