कायमगंज/फर्रुखाबाद |
कायमगंज कोतवाली क्षेत्र के गांव कटरा रहमत खां में सोमवार को उस समय हड़कंप मच गया, जब एक केले के बाग में मांस के अवशेष और गंभीर रूप से घायल अवस्था में एक गोवंश मिला। घटना की जानकारी मिलते ही गांव में लोगों की भीड़ जुट गई और मामले को लेकर आक्रोश फैल गया। सूचना पर पुलिस, पशु चिकित्सा विभाग और फॉरेंसिक टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी। मांस के नमूने फॉरेंसिक परीक्षण के लिए मथुरा प्रयोगशाला भेजे गए हैं।
जानकारी के अनुसार, गांव निवासी तशकील खां के केले के बाग को गांव के ही एक व्यक्ति ने लगान पर ले रखा है। सोमवार को बाग में मांस के अवशेष पड़े होने और एक घायल गोवंश के मिलने की सूचना विश्व हिंदू परिषद के जिला गौ सेवा प्रमुख नूतन चतुर्वेदी को मिली। उन्होंने तत्काल पुलिस प्रशासन और पशु चिकित्सा विभाग को अवगत कराया।
सूचना मिलते ही प्रभारी निरीक्षक विनोद कुमार शुक्ला पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। घटना की संवेदनशीलता को देखते हुए उच्चाधिकारियों को भी जानकारी दी गई। इसके बाद अपर पुलिस अधीक्षक गिरीश कुमार सिंह तथा क्षेत्राधिकारी राजेश कुमार द्विवेदी भी घटनास्थल पर पहुंचे और मौके का निरीक्षण किया।

शमशाबाद से फॉरेंसिक टीम को बुलाया गया, जिसने घटनास्थल से मांस के अवशेषों सहित अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्य एकत्र किए। वहीं पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. संजय सचान ने घायल गोवंश का प्राथमिक उपचार कराया और उसे सुरक्षित गौशाला भिजवा दिया। उन्होंने बताया कि मौके से मिले मांस के छोटे-छोटे टुकड़ों के नमूने मथुरा स्थित फॉरेंसिक लैब में जांच के लिए भेजे गए हैं। रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होगा कि अवशेष किस पशु के हैं।
प्रभारी निरीक्षक विनोद कुमार शुक्ला ने बताया कि खेत मालिक और बाग की देखरेख करने वाले व्यक्ति से पूछताछ की जा रही है। आसपास के लोगों से भी जानकारी जुटाई जा रही है तथा सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच आगे बढ़ाई जा रही है। अपर पुलिस अधीक्षक गिरीश कुमार सिंह ने कहा कि फॉरेंसिक रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर मुकदमा दर्ज कर दोषियों की पहचान की जाएगी। किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा और कानून के अनुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी।
स्थानीय लोगों ने की निष्पक्ष जांच की मांग
घटना के बाद ग्रामीणों में भारी नाराजगी है। लोगों का कहना है कि यदि यह मामला गोवंश के साथ क्रूरता या अवैध गतिविधियों से जुड़ा पाया जाता है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कठोरतम कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। ग्रामीणों ने प्रशासन से निष्पक्ष, त्वरित और पारदर्शी जांच कर पूरे मामले का शीघ्र खुलासा करने की मांग की है।
फॉरेंसिक रिपोर्ट पर टिकीं निगाहें
फिलहाल पूरे मामले की सच्चाई फॉरेंसिक जांच रिपोर्ट आने के बाद ही सामने आएगी। पुलिस का कहना है कि वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर जांच की जा रही है और बिना किसी निष्कर्ष पर पहुंचे हर पहलू की गंभीरता से पड़ताल की जा रही है।
