रिपोर्ट अभिषेक गुप्ता |
कायमगंज/फर्रुखाबाद/लखनऊ ।

भारतीय उद्योग व्यापार मंडल के पदाधिकारियों ने शुक्रवार को लखनऊ स्थित मंडी परिषद कार्यालय पहुंचकर व्यापारियों की वर्षों से लंबित समस्याओं को लेकर जोरदार आवाज बुलंद की। जिला अध्यक्ष आदेश अग्निहोत्री के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने मंडी परिषद के निदेशक को संबोधित सात सूत्रीय मांगपत्र उनके निजी सचिव को सौंपते हुए समस्याओं का शीघ्र समाधान कराने की मांग की।
प्रतिनिधिमंडल में जिला महामंत्री अनुपम अग्रवाल, जिला संगठन मंत्री ऋषभ पालीवाल, युवा जिला अध्यक्ष संदेश अग्रवाल, युवा जिला महामंत्री प्रबल महेश्वरी, कायमगंज नगर अध्यक्ष अमर गुप्ता तथा महामंत्री रिंकू कौशल सहित अन्य पदाधिकारी शामिल रहे। मंडी परिषद के निदेशक सचिवालय में आवश्यक बैठक में व्यस्त होने के कारण प्रतिनिधिमंडल ने उनके निजी सचिव को ज्ञापन देकर उसकी प्राप्ति रसीद भी ली।
ज्ञापन में व्यापारियों ने कहा कि मंडी की दुकानों के किराए में हर वर्ष 5 प्रतिशत की वृद्धि पूरी तरह अनुचित है। साथ ही किराए की दुकानों पर लगाए जा रहे 18 प्रतिशत जीएसटी को तत्काल समाप्त किया जाए। व्यापारियों ने वर्ष 1994 से मंडी समिति कायमगंज में नियमित रूप से किराया जमा कर रहे दुकानदारों की दुकानों को फ्रीहोल्ड किए जाने की भी मांग उठाई।
इसके अलावा 1 जुलाई से जियो ऐप के माध्यम से लागू की गई टैगिंग व्यवस्था को तत्काल वापस लेने की मांग की गई। व्यापारियों का कहना है कि इस व्यवस्था से तंबाकू, गल्ला, दलहन, तिलहन, गुड़, किराना, फल एवं सब्जी कारोबार से जुड़े व्यापारियों को अनावश्यक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है, जिसका सीधा असर किसानों पर भी पड़ रहा है।
ज्ञापन में लाइसेंस नवीनीकरण के लिए दो गारंटरों की अनिवार्यता समाप्त कर प्रक्रिया को सरल बनाने की मांग भी रखी गई। वहीं कायमगंज मंडी समिति में हुए भीषण अग्निकांड का मुद्दा उठाते हुए आग से प्रभावित व्यापारियों को उनकी क्षति के अनुपात में उचित मुआवजा देने की मांग की गई। साथ ही आग में क्षतिग्रस्त टीनशेड, दीवारें एवं दुकानों की अन्य संरचनाओं की तत्काल मरम्मत कराए जाने की भी मांग की गई, ताकि व्यापारी बिना किसी परेशानी के अपना कारोबार फिर से सुचारु रूप से संचालित कर सकें।
जिला अध्यक्ष आदेश अग्निहोत्री ने कहा कि यदि व्यापारियों की जायज मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो संगठन आगे व्यापक आंदोलन करने के लिए बाध्य होगा। व्यापार मंडल ने मंडी परिषद से व्यापारियों और किसानों के हितों को ध्यान में रखते हुए सभी मांगों पर जल्द कार्रवाई करने की अपील की।
