कायमगंज/ फर्रुखाबाद |
मज़ार शरीफ पर हर धर्म और जाति के लोगों ने हाज़िरी देकर पेश की गंगा-जमुनी तहज़ीब की मिसाल
मुख्य बिंदु:
- सुबह 10 बजे गुस्ल मज़ार शरीफ और चादरपोशी के साथ हुई अंतिम दिन की शुरुआत।
- कव्वालों ने कौल, रंग और विदाई कलाम पेश कर समां बांधा।
- मुल्क में अमन-चैन और तरक्की के लिए की गई विशेष दुआ।
- सज्जादानशीन सूफी हज़रत मुशीर अहमद क़ादरी ने जायरीनों और पुलिस प्रशासन का जताया आभार।
मुर्शिदी व मौलाई सरकार हज़रत बाबा जूही शाह रहमतुल्लाह अलैह के तीन दिवसीय सालाना उर्स के तीसरे दिन कुल शरीफ की रस्म और विशेष दुआ के साथ शांतिपूर्ण समापन हो गया। उर्स के आखिरी दिन सुबह 10 बजे मज़ार शरीफ को गुस्ल दिया गया, जिसके बाद अकीदतमंदों द्वारा चादरपोशी की रस्म अदा की गई। इस मौके पर मशहूर कव्वालों ने एक से बढ़कर एक सूफियाना कलाम, कौल, रंग और विदाई के गीत सुनाकर माहौल को रूहानी बना दिया। इसके बाद मुल्क की खुशहाली, तरक्की और आपसी भाईचारे के लिए बारगाहे-इलाही में हाथ उठाकर सामूहिक दुआ मांगी गई।
मोहब्बत और तालीम से ही होगी देश की तरक्की
इस बार समापन के अवसर पर सबसे खूबसूरत नजारा बाबा के दरबार में उमड़ी सर्वधर्म की भीड़ रही। मज़ार शरीफ पर हर जाति और मजहब के लोगों ने मत्था टेका, जिसने समाज को एक बहुत ही सुंदर संदेश दिया।
इस मौके पर सज्जादानशीन पीर तरीकत रहबर शरीयत सूफी हज़रत मुशीर अहमद क़ादरी ने अकीदतमंदों को संबोधित करते हुए कहा-
हमारा मुल्क बेहद खूबसूरत है और आपस में मोहब्बत रखने से ही हमारी और हमारे देश की तरक्की मुमकिन है। जो लोग समाज को तोड़ने या नफरत फैलाने की बात करते हैं, उनके पीछे अपना कीमती वक्त बर्बाद न करें। इसके बजाय अपने बच्चों की अच्छी परवरिश पर ध्यान दें, उन्हें उच्च तालीम (शिक्षा) दिलाएं ताकि हमारे बच्चे आगे चलकर देश की तरक्की में अपना महत्वपूर्ण योगदान दे सकें।
प्रशासन और जायरीनों का आभार
सज्जादानशीन सूफी मुशीर अहमद क़ादरी ने उर्स में शामिल हुए सभी जायरीनों का शुक्रिया अदा किया और उम्मीद जताई कि भविष्य में भी लोग इसी तरह मोहब्बत के साथ बाबा के उर्स में शिरकत करते रहेंगे। इसके साथ ही उन्होंने पहले दिन से लेकर समापन तक मुस्तैदी से अपनी ड्यूटी निभाने और शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस फोर्स, सभी सुरक्षाकर्मियों और प्रशासनिक अधिकारियों का भी दिल से धन्यवाद किया।
ये गणमान्य लोग रहे मौजूद
उर्स के समापन के इस मुकद्दस मौके पर मुख्य रूप से सज्जादानशीन सैयद नौशाद मिया अशर्फी, सज्जादानशीन सैयद कफील मिया, सज्जादानशीन वसीम मिया के साथ-साथ जमीर अहमद, तौहीद अहमद, तमाहीद अहमद, फरजान अहमद, मनोज जौहरी, सुधीर सिंह, पप्पन, बबलू, धनेश, सनी, मुन्ना लाल, हर्ष बाजपाई, अरविंद यादव, पिंटू राठौर, राजीव राठौर, अमित रस्तोगी, शिवम् गुप्ता, अभिषेक गुप्ता, अमरेश गंगवार, लाल मिया, खलील, अमीर हुसैन, हनीफ, मुकीम, हकीमुद्दीन, शेख आलम, अमीर खान, सज्जाद खान, रानू खान, प्यारे खान, सुहेल खान, रुखसार खान, ज़ुबैर और नोमान सिद्दीकी सहित भारी संख्या में स्थानीय लोग और जायरीन मौजूद रहे।


