कायमगंज/ फर्रुखाबाद |
“युवा जागृति ही राष्ट्र जागृति का आधार है।” इसी संकल्प के साथ शनिवार को गायत्री धाम शिवाला भवन, कायमगंज में अखिल विश्व गायत्री परिवार के तत्वावधान में जिला स्तरीय युवा चेतना कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में जिले के विभिन्न क्षेत्रों से आए युवाओं, सामाजिक कार्यकर्ताओं एवं गायत्री परिवार के पदाधिकारियों ने भाग लिया। पूरे आयोजन का उद्देश्य युवाओं में संस्कार, चरित्र निर्माण, राष्ट्रभक्ति, सामाजिक उत्तरदायित्व तथा भारतीय संस्कृति के प्रति जागरूकता पैदा करना रहा।
कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन एवं गायत्री मंत्र के साथ हुआ। इसके बाद अतिथियों का स्वागत किया गया। मुख्य अतिथि डॉ. मिथलेश अग्रवाल ने अपने संबोधन में कहा कि आज देश को ऐसे युवाओं की आवश्यकता है जो केवल अपने भविष्य के लिए नहीं, बल्कि समाज और राष्ट्र के लिए भी सोचें। उन्होंने कहा कि नैतिक मूल्यों और भारतीय संस्कृति को अपनाकर ही सशक्त भारत का निर्माण संभव है।
मुख्य वक्ता श्री संतोष देवांगन (शांतिकुंज, हरिद्वार) ने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि वर्तमान समय में नशा, मोबाइल की लत, सोशल मीडिया का दुरुपयोग और पाश्चात्य संस्कृति का अंधानुकरण युवाओं के सामने सबसे बड़ी चुनौती बनकर उभरा है। यदि युवा अपनी ऊर्जा को सकारात्मक दिशा में लगाएं, तो भारत पुनः विश्वगुरु बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ सकता है। उन्होंने युवाओं से आत्मअनुशासन, सेवा, संस्कार और राष्ट्रहित को जीवन का लक्ष्य बनाने का आह्वान किया।
कार्यक्रम में जिला समन्वयक श्री सुरेन्द्र कुमार गुप्ता, जिला युवा समन्वयक हरिओम श्रीवास्तव, श्री गोविन्द सहाय, श्री सुरेन्द्र कुमार गुप्ता, श्री हरिओम श्रीवास्तव मधुबाला गंगवार, सुधीर गुप्ता, लखपति सक्सेना सहित अनेक पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं ने विचार व्यक्त किए। वक्ताओं ने कहा कि भारतीय संस्कृति केवल परंपरा नहीं, बल्कि जीवन जीने की श्रेष्ठ पद्धति है। युवाओं को अपने परिवार, समाज और राष्ट्र के प्रति कर्तव्यों का निर्वहन करते हुए सकारात्मक परिवर्तन का माध्यम बनना चाहिए।
कार्यशाला में चरित्र निर्माण, व्यक्तित्व विकास, पारिवारिक मूल्यों, सामाजिक समरसता, पर्यावरण संरक्षण तथा सेवा कार्यों में युवाओं की सक्रिय भागीदारी पर भी विस्तार से चर्चा हुई। उपस्थित युवाओं ने समाज में फैली कुरीतियों के खिलाफ जागरूकता फैलाने तथा राष्ट्रहित के कार्यों में बढ़-चढ़कर भाग लेने का संकल्प लिया।
कार्यक्रम का समापन शांति पाठ एवं प्रसाद वितरण के साथ हुआ। आयोजकों ने कहा कि आने वाले समय में जिले के विभिन्न क्षेत्रों में भी युवा चेतना अभियान चलाकर अधिक से अधिक युवाओं को जोड़ने का प्रयास किया जाएगा।
यदि देश का युवा संस्कारवान, अनुशासित और जागरूक होगा, तभी समाज सुरक्षित, परिवार मजबूत और राष्ट्र समृद्ध बनेगा। युवा केवल भविष्य नहीं, वर्तमान की सबसे बड़ी शक्ति हैं।
