प्रधानाचार्य परिषद् का कड़ा फैसला: शिक्षक का सम्मान सर्वोपरि, अनुचित दबाब बनाने वालों को दी चेतावनी |

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फर्रुखाबाद |

जनपद फर्रुखाबाद में शिक्षकों के सम्मान और सुरक्षा को लेकर एक बड़ा मुद्दा सामने आया है। उत्तर प्रदेश प्रधानाचार्य परिषद (जिला इकाई) ने 30 अप्रैल 2026 को एक महत्वपूर्ण प्रेस नोट जारी कर साफ कर दिया है कि किसी भी शिक्षक या प्रधानाचार्य के साथ अन्याय या दबाव की राजनीति बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

हाल ही में एक विद्यालय के प्रधानाचार्य पर अनावश्यक दबाव बनाने और उनके कार्यों में हस्तक्षेप करने की शिकायत सामने आई थी। इस मामले को गंभीरता से लेते हुए परिषद ने इसे शिक्षक समाज की गरिमा से जुड़ा विषय बताया है।

परिषद के पदाधिकारियों का कहना है कि विद्यालयों में शिक्षा का माहौल बनाए रखना सबसे पहली प्राथमिकता है, लेकिन यदि किसी शिक्षक या प्रधानाचार्य के साथ अनुचित व्यवहार किया जाता है, तो संगठन चुप नहीं बैठेगा। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि ऐसे मामलों में जिला स्तर पर व्यापक विरोध और कार्रवाई की जाएगी।

प्रेस नोट में यह भी उल्लेख किया गया कि संबंधित मामले में जिला विद्यालय निरीक्षक (DIOS) और अन्य अधिकारियों से वार्ता की गई है। परिषद ने मांग की है कि दोषियों के खिलाफ निष्पक्ष जांच कर उचित कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा न हों।

संगठन के नेताओं ने कहा कि शिक्षक केवल पढ़ाने का कार्य नहीं करते, बल्कि समाज के निर्माण में अहम भूमिका निभाते हैं। ऐसे में उनके सम्मान और अधिकारों की रक्षा करना प्रशासन की जिम्मेदारी है।

अंत में परिषद ने सभी शिक्षकों से एकजुट रहने की अपील करते हुए कहा कि यदि किसी भी स्तर पर उत्पीड़न या दबाव की स्थिति बनती है, तो तुरंत संगठन को सूचित करें, ताकि सामूहिक रूप से उसका विरोध किया जा सके।

यह मामला अब जिले में चर्चा का विषय बन गया है और आगे प्रशासन की कार्रवाई पर सबकी नजरें टिकी हुई हैं।

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