फर्रुखाबाद:
गंगा एक्सप्रेस-वे के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा लोकार्पण बाद से ही सोशल मीडिया पर सियासी बयानबाजी चल रही है।विरोध करने वाले गंगा एक्सप्रेस-वे के फरुखाबाद से ना आने पर इसे जनप्रतिनिधियों की नाकामी का आरोप लगा रहे है।फर्रुखाबाद के सांसद मुकेश राजपूत ने विरोधियों पर तीखी प्रतिक्रिया दी है।उन्होंने कहा कि परियोजना के मार्ग में बदलाव किसी राजनीतिक षड्यंत्र का हिस्सा नहीं, बल्कि तकनीकी बाध्यताओं का परिणाम है।सांसद के अनुसार, एक्सप्रेस-वे को फर्रुखाबाद से न जोड पाने के पीछे कई व्यवहारिक दिक्कतें सामने आई।संभल और चित्रकूट जैसे क्षेत्रों को जोडते समय तकनीकी चुनौतियां आई जिनके कारण रुट में बदलाव करना पड़ा। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोग बिना तथ्य के भ्रम फैलाने की कोशिश कर रहे हैं।सांसद ने स्पष्ट किया कि जिले को पूरी तरह नजरंदाज नहीं किया गया है।एक्सप्रेस-वे से जोड़ने के लिए लिंक रोड का निर्माण प्रस्तावित है जिससे फर्रुखाबाद को बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी और विकास को गति मिलेगी।सांसद ने यह भी कहा कि इस मुद्दे को बेवजह राजनीतिक रंग दिया जा रहा है। उन्होंने लोगों से राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) से जुड़े दस्तावेज देखने की सलाह दी, ताकि वास्तविक स्थिति सामने आ सके।जनप्रतिनिधियों की भूमिका पर उठ रहे सवालों को खारिज करते हुए उन्होंने कहा कि जिले में
हुए विकास कार्य किसी की क्षमता पर सवाल खड़ा नहीं होने देते।साथ ही समाजवादी पार्टी पर निशाना साधते हुए उन्होंने याद दिलाया कि लखनऊ आगरा एक्सप्रेसवे के निर्माण के समय फरुखाबाद को शामिल नहीं किया गया था।उन्होंने जिले में बने ओवरब्रिज, बिजली घर और अन्य परियोजनाओं का हवाला देते हुए कहा कि फरुखाबाद निरंतर प्रगति के मार्ग पर है।प्रेस वार्ता के दौरान पार्टी के जिला अध्यक्ष फतेहचंद वर्मा,जितेंद्र सिंह, शिवांग रस्तोगी रहे।
