गर्भवती की मौत के बाद ‘गायत्री नर्सिंग होम’ सील, जांच में खुलीं चौंकाने वाली लापरवाही |

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फर्रुखाबाद

जिले में एक गर्भवती महिला की मौत के बाद स्वास्थ्य विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए कादरी गेट थाना क्षेत्र स्थित गायत्री नर्सिंग होम को सील कर दिया। ऑपरेशन के दौरान महिला की मौत से नाराज परिजनों के हंगामे के बाद हरकत में आए स्वास्थ्य विभाग ने जांच कराई, जिसमें अस्पताल संचालन में गंभीर अनियमितताएं सामने आईं। जांच रिपोर्ट मिलते ही मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ. अवनींद्र कुमार ने टीम के साथ पहुंचकर नर्सिंग होम पर ताला लगवा दिया।

जानकारी के मुताबिक कम्पिल थाना क्षेत्र के रसीदपुर गांव निवासी गर्भवती महिला को प्रसव पीड़ा होने पर परिजन इलाज के लिए गायत्री नर्सिंग होम लेकर पहुंचे थे। आरोप है कि अस्पताल में ऑपरेशन के दौरान महिला की हालत बिगड़ गई और कुछ ही देर में उसकी मौत हो गई। महिला की मौत की खबर मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया और उन्होंने अस्पताल प्रबंधन व डॉक्टरों पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा किया था।

घटना की गंभीरता को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने उसी दिन अस्पताल के ऑपरेशन थिएटर को अस्थायी रूप से सील कर दिया था और पूरे मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय टीम गठित की गई थी। जांच टीम ने अस्पताल के दस्तावेज, चिकित्सा व्यवस्था और स्टाफ की उपलब्धता की गहन पड़ताल की।

जांच रिपोर्ट में कई हैरान करने वाली खामियां सामने आईं। पता चला कि अस्पताल में कोई भी नियमित विशेषज्ञ डॉक्टर तैनात नहीं था और जरूरत पड़ने पर चिकित्सकों को केवल फोन कर बुलाया जाता था। रिकॉर्ड में केवल एक बीएएमएस डॉक्टर का नाम दर्ज मिला। इतना ही नहीं, अस्पताल में बायो मेडिकल वेस्ट के निस्तारण की व्यवस्था भी मानकों के अनुरूप नहीं पाई गई।

सीएमओ डॉ. अवनींद्र कुमार ने बताया कि जांच रिपोर्ट के आधार पर नर्सिंग होम के खिलाफ सख्त कार्रवाई की गई है। अस्पताल में भर्ती चार अन्य मरीजों को किसी प्रकार की परेशानी न हो, इसके लिए उन्हें एंबुलेंस के जरिए डॉ. राम मनोहर लोहिया अस्पताल में शिफ्ट कराया गया।

कार्रवाई के दौरान डिप्टी सीएमओ डॉ. दीपक कटारिया, डॉ. शोभा सक्सेना, डॉ. श्वेता सिंह, वरिष्ठ लिपिक आलोक सिंह समेत स्वास्थ्य विभाग, पर्यावरण विभाग और गंगा स्वच्छता समिति के अधिकारी भी मौके पर मौजूद रहे।

इस कार्रवाई के बाद जिले में अवैध और मानकों के विपरीत संचालित निजी अस्पतालों में हड़कंप मचा हुआ है। स्वास्थ्य विभाग ने साफ संकेत दिए हैं कि मरीजों की जिंदगी से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ आगे भी कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी।

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