जिलाधिकारी अरविन्द सिंह की अध्यक्षता में नैदानिक संस्थानों के पंजीकरण आवेदनों पर हुई समीक्षा
*मानक पूर्ण करने वाले चिकित्सालयों के पंजीकरण की संस्तुति, कमियां दूर करने हेतु एक सप्ताह का समय*
एटा । The Clinical Establishment (Registration and Regulation) Act, 2010 के अंतर्गत जनपद में नैदानिक संस्थानों के पंजीकरण एवं विनियमन की प्रक्रिया को प्रभावी एवं पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से गठित जिला रजिस्ट्रेशन प्राधिकरण की बैठक जिलाधिकारी अरविन्द सिंह की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में सम्पन्न हुई।
बैठक में नैदानिक संस्थानों के पंजीकरण एवं नवीनीकरण हेतु प्राप्त आवेदनों पर विस्तृत विचार-विमर्श किया गया। जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि जनपद के सभी चिकित्सालयों एवं क्लीनिकों का पंजीकरण निर्धारित मानकों के अनुरूप सुनिश्चित किया जाए, जिससे आमजन को गुणवत्तापूर्ण एवं सुरक्षित स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध हो सकें।
बैठक में प्राप्त आवेदनों का परीक्षण एवं निरीक्षण आख्या के आधार पर समीक्षा की गई। जिन चिकित्सालयों द्वारा निर्धारित मानकों एवं आवश्यक अभिलेखों की पूर्ति की गई, उनके पंजीकरण की संस्तुति जिला रजिस्ट्रेशन प्राधिकरण द्वारा की गई। वहीं जिन संस्थानों में निरीक्षण के दौरान कमियां पाई गईं, उन्हें आवश्यक त्रुटियों का निराकरण कर अनुपालन प्रस्तुत करने हेतु एक सप्ताह का समय प्रदान किया गया। जिलाधिकारी ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि पंजीकरण प्रक्रिया निर्धारित मानकों एवं समयबद्धता के साथ पूर्ण कराई जाए, जिससे जनपद में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता एवं जवाबदेही और अधिक सुदृढ़ हो सके।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी राजेंद्र प्रसाद मिश्र,मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. राजेन्द्र प्रसाद, अपर पुलिस अधीक्षक (अपराध) योगेन्द्र सिंह, अपर जिलाधिकारी (न्यायिक) रमेश मौर्य, आईएमए के सदस्य डॉ. अनुराग प्रकाश तथा अपर मुख्य चिकित्साधिकारी एवं नोडल अधिकारी (क्लीनिकल एस्टेब्लिशमेंट) डॉ. राममोहन तिवारी सहित संबंधित अधिकारी गण आदि उपस्थित रहे।

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