संवैधानिक संस्थाओं पर दबाव बनाना लोकतंत्र के हित में नहीं: पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह का विपक्ष पर कड़ा प्रहार
मैनपुरी (अजय किशोर) मैनपुरी के सर्किट हाउस में शनिवार को जन समस्याएं सुनने पहुंचे प्रदेश के पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह ने विपक्ष की कार्यशैली पर तीखा हमला बोला। उन्होंने स्पष्ट कहा कि लोकतंत्र में विरोध प्रदर्शन करना सभी का अधिकार है, लेकिन इसके आड़ में संवैधानिक संस्थाओं पर दबाव बनाना, नियमों की अनदेखी करना और कानूनी प्रक्रिया का पालन न करना बिल्कुल अनुचित है। सीजेआई और मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ चल रहे प्रदर्शनों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि बिना अनुमति के विरोध-प्रदर्शन जैसी गतिविधियां देश की संवैधानिक व्यवस्था को कमजोर करती हैं।
राहुल गांधी द्वारा राष्ट्रपति से मुलाकात के संदर्भ में मंत्री जयवीर सिंह ने स्पष्ट किया कि सर्वोच्च संवैधानिक पद पर बैठे राष्ट्रपति से मिलना और ज्ञापन सौंपना शिष्टाचार का हिस्सा है, लेकिन इसका राजनीतिक लाभ उठाने की कोशिश करना गलत है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति ने साक्ष्य मांगे हैं, ऐसे में विपक्ष को लोकतांत्रिक संस्थाओं पर भरोसा रखना चाहिए न कि अनुचित दबाव बनाना चाहिए। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार से जुड़े मामले पर उन्होंने ध्यान दिलाया कि मामला सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन है, इसलिए विपक्ष को अदालत के फैसले का धैर्यपूर्वक इंतजार करना चाहिए।
सपा प्रमुख अखिलेश यादव पर तंज कसते हुए पर्यटन मंत्री ने कहा कि वे जमीनी हकीकत से दूर रहकर चुनाव से पहले ही मन ही मन और अपनी कार्यशैली से खुद को सत्ता में मान बैठते हैं, जैसा उन्होंने वर्ष 2022 में भी किया था। उनके ऐसे बयानों से समर्थकों का रुख उग्र होता है। वहीं, प्रदर्शनों के दौरान ट्रेन और मेट्रो बंद करने के सवाल पर उन्होंने कहा कि कानून-व्यवस्था बनाए रखना प्रशासन का दायित्व है। खुफिया और पुलिस रिपोर्ट्स के आधार पर ही आम जनता की सुरक्षा और शांति सुनिश्चित करने के लिए ऐसे कदम उठाए जाते हैं।
राम मंदिर दर्शन के मुद्दे पर उन्होंने अपनी शुभकामनाएं देते हुए कहा कि ईश्वर की कृपा से दर्शन का जल्द शुभ मुहूर्त निकले। इसके साथ ही मंत्री जयवीर सिंह ने पूर्व मुख्यमंत्री दिवंगत मुलायम सिंह यादव की पुण्यतिथि पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की और पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह के योगदान को याद करते हुए कहा कि ऐसे महान व्यक्तित्व हमेशा लोगों के दिलों में अमर रहते हैं।

