फर्रुखाबाद।
लोहिया अस्पताल में डॉक्टरों और कर्मचारियों की हाजिरी को लेकर मिल रही शिकायतों के बीच अब व्यवस्था में बड़ा बदलाव कर दिया गया है। जिलाधिकारी के सख्त रुख के बाद शुक्रवार से अस्पताल में बायोमेट्रिक अटेंडेंस व्यवस्था लागू कर दी गई। सुबह अस्पताल खुलते ही डॉक्टरों और कर्मचारियों में बायोमेट्रिक मशीन पर हाजिरी दर्ज कराने की होड़ दिखाई दी। अस्पताल में दो मशीनें लगाए जाने के बाद कर्मचारियों को अब अपनी उपस्थिति दर्ज कराने के लिए अंगूठा और उंगली का सहारा लेना पड़ा।
शुक्रवार सुबह करीब आठ बजे से ही सीएमएस कक्ष और इमरजेंसी के पास लगी मशीनों पर कर्मचारियों की भीड़ नजर आई। कई कर्मचारी अपनी बारी का इंतजार करते रहे। वहीं पहले दिन कुछ कर्मचारियों को तकनीकी परेशानी का भी सामना करना पड़ा। मशीन में कई कर्मचारियों का नाम अथवा विवरण फीड नहीं होने के कारण उनकी हाजिरी दर्ज नहीं हो सकी। ऐसे में कई डॉक्टर और कर्मचारी बार-बार मशीन पर अंगूठा व उंगली लगाकर उपस्थिति दर्ज कराने का प्रयास करते दिखाई दिए।
दो जगह लगाई गईं मशीनें
अस्पताल प्रशासन ने फिलहाल दो बायोमेट्रिक मशीनें लगाई हैं। इनमें एक मशीन सीएमएस के कमरे में तथा दूसरी इमरजेंसी में स्थापित की गई है। शुक्रवार को दोनों स्थानों पर सुबह से ही कर्मचारी हाजिरी लगाने पहुंचते रहे। नई व्यवस्था शुरू होने के साथ ही अस्पताल में पहले से चल रहा हाजिरी रजिस्टर भी हटा दिया गया। सीएमएस कक्ष में जिस टेबल पर कर्मचारी रोजाना हस्ताक्षर कर अपनी उपस्थिति दर्ज करते थे, शुक्रवार को वहां रजिस्टर दिखाई नहीं दिया।
करीब 250 कर्मचारियों की होगी बायोमेट्रिक हाजिरी
लोहिया पुरुष अस्पताल के सीएमएस डॉ. जगमोहन शर्मा के अनुसार अस्पताल में नियमित, संविदा और आउटसोर्सिंग के कर्मचारियों को मिलाकर करीब 250 कर्मचारी कार्यरत हैं। अब सभी कर्मचारियों की उपस्थिति बायोमेट्रिक प्रणाली के माध्यम से दर्ज की जाएगी। इससे कर्मचारियों के आने-जाने का समय डिजिटल रूप से दर्ज होने की व्यवस्था बनेगी।
डीएम के औचक निरीक्षण के बाद तेजी से बदली व्यवस्था
अस्पताल में डॉक्टरों और कर्मचारियों की उपस्थिति को लेकर समय-समय पर शिकायतें सामने आती रही हैं। पुराने हाजिरी रजिस्टर को लेकर भी सवाल उठाए जाते रहे हैं। इसी बीच गुरुवार को जिलाधिकारी ने अस्पताल का औचक निरीक्षण किया था। निरीक्षण के दौरान हाजिरी व्यवस्था को लेकर सख्ती दिखाई गई और शुक्रवार से ही बायोमेट्रिक अटेंडेंस शुरू कराने के निर्देश दिए गए।
डीएम के निर्देश के अगले ही दिन अस्पताल में मशीनें चालू हो गईं। हालांकि पहले दिन कुछ कर्मचारियों का डाटा मशीन में फीड न होने से तकनीकी दिक्कत सामने आई, जिसे दुरुस्त किए जाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। अब निगाह इस बात पर रहेगी कि नई व्यवस्था कितनी प्रभावी साबित होती है और अस्पताल में कर्मचारियों की समयबद्ध उपस्थिति सुनिश्चित करने में इसका कितना असर दिखाई देता है।

