फर्रुखाबाद न्यूज़:- यूपीआई पर 0.4% शुल्क ने बढ़ाई व्यापारियों की चिंता, डीएम कार्यालय पहुंचकर सौंपा ज्ञापन |

By
Manoj Jauhri
Manoj Jauhri ब्यूरो चीफ (फर्रुखाबाद) - एक अनुभवी पत्रकार हैं, जो राजनीति, अपराध, शिक्षा, मनोरंजन और स्थानीय समाचारों पर पोस्ट करते हैं। वे तथ्यों पर आधारित...
3 Min Read

फर्रुखाबाद/फतेहगढ़

Ad image

यूपीआई लेनदेन पर प्रस्तावित 0.4 प्रतिशत शुल्क को लेकर व्यापारियों में नाराजगी दिखाई दी। अखिल भारतीय उद्योग व्यापार मंडल के नेतृत्व में शुक्रवार को बड़ी संख्या में व्यापारी फतेहगढ़ स्थित डीएम कार्यालय पहुंचे और नगर मजिस्ट्रेट पारुल तरार को ज्ञापन सौंपकर शुल्क संबंधी निर्णय पर पुनर्विचार करने की मांग उठाई।

व्यापारियों का कहना है कि वर्तमान समय में छोटे-बड़े कारोबार में डिजिटल भुगतान तेजी से बढ़ा है। ग्राहक नकद के साथ-साथ यूपीआई के माध्यम से भुगतान कर रहे हैं। ऐसे में यूपीआई लेनदेन पर किसी प्रकार का अतिरिक्त शुल्क लागू होने से व्यापारियों पर वित्तीय भार बढ़ने की आशंका है। व्यापार मंडल ने सरकार से व्यापारियों और आम उपभोक्ताओं के हितों को ध्यान में रखते हुए इस प्रस्ताव पर पुनर्विचार करने की मांग की।

ज्ञापन सौंपने पहुंचे व्यापारियों ने अपनी समस्याओं और आपत्तियों को नगर मजिस्ट्रेट के सामने रखा। व्यापार मंडल पदाधिकारियों ने कहा कि डिजिटल भुगतान व्यवस्था ने कारोबार को सुविधाजनक बनाया है और बड़ी संख्या में व्यापारी इसका इस्तेमाल कर रहे हैं। ऐसे में शुल्क लगाए जाने से छोटे कारोबारियों के सामने अतिरिक्त खर्च की स्थिति पैदा हो सकती है।

ज्ञापन देने वालों में अखिल भारतीय उद्योग व्यापार मंडल के जिला महामंत्री रविकांत गुप्ता, नगर महामंत्री विवेक कुमार गुप्ता, संगठन मंत्री अर्पित गुप्ता, युवा नगर अध्यक्ष सलमान खान, मीडिया प्रभारी अनवर पठान, बिप्लव पार्टी के संगठन मंत्री सत्यवीर सिंह, ओमवीर सिंह, अमन कश्यप, मीडिया प्रभारी माइकल गुप्ता, तोसीम खान और मुन्ना समेत करीब 50 व्यापारी मौजूद रहे।

व्यापारियों ने एकजुट होकर अपनी मांग प्रशासन के माध्यम से उच्च स्तर तक पहुंचाने की बात कही। नगर मजिस्ट्रेट पारुल तरार ने व्यापारियों की समस्याओं को गंभीरता से सुना और आश्वासन दिया कि उनकी मांगों एवं ज्ञापन को उच्च स्तर पर भेजा जाएगा। आश्वासन मिलने के बाद व्यापारियों ने नगर मजिस्ट्रेट का आभार जताया।

व्यापारियों ने स्पष्ट किया कि यूपीआई शुल्क का मुद्दा कारोबार से सीधे जुड़ा है और इस पर सरकार से राहत की अपेक्षा है। अब व्यापारियों की नजर इस बात पर है कि उनके ज्ञापन और मांग पर शासन स्तर से क्या निर्णय लिया जाता है।

Subscribe Newsletter

Loading
Share This Article
Manoj Jauhri ब्यूरो चीफ (फर्रुखाबाद) - एक अनुभवी पत्रकार हैं, जो राजनीति, अपराध, शिक्षा, मनोरंजन और स्थानीय समाचारों पर पोस्ट करते हैं। वे तथ्यों पर आधारित और विश्वसनीय समाचार सामग्री तैयार करने में विशेषज्ञता रखते हैं।
Leave a Comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *