रोड़वेज सेवा के नाम पर एक दशक से आधी आबादी मायूसी, बगैर रोड़वेज बस सेवा का महिलाओं को कैसे मिलेगा लाभ
(संवाददाता योगेन्द्र प्रताप सिंह, जलेसर)
जलेसर। एटा। उत्तर प्रदेश। जनपद एटा में तहसील जलेसर क्षेत्र में भाई-बहन के अटूट प्रेम के पावन त्योहार रक्षाबंधन पर प्रदेश सरकार द्वारा महिलाओं को दिया गया बड़ा तोहफा क्षेत्रीय मातृ शक्ति के लिए साबित हो रहा है। स्थानीय क्षेत्र में रोड़वेज बस सेवा नहीं होने की वजह से स्थानीय महिलाओं को इसका लाभ नहीं मिल सकेगा। परिणाम स्वरूप योगी सरकार द्वारा बीते लगभग दस वर्षों से स्थानीय महिलाओं के लिए रोड़वेज बस सेवा तक शुरू नहीं करा पाना सरकार के झूठे दावो की पोल खोल रहा है।
प्रदेश सरकार द्वारा रक्षाबंधन पर्व पर अपने भाइयों को राखी बांधने को जाने वाली महिलाओं और बालिकाओं और उनके साथ यात्रा करने वाला एक पुरुष सहयात्री को भी रोड़वेज बसों में मुफ्त सफर करने की घोषणा की गई है। इस घोषणा का लाभ रक्षाबंधन से एक दिन पूर्व 27 अगस्त दिन गुरुवार को सुबह 06 बजे से 29 अगस्त दिन शनिवार की रात 12 बजे तक लगातार 66 घंटों तक महिलाएं और उनके साथ आने वाला एक व्यक्ति को मिल सकेगा। यह सुविधा डिपो की सभी साधारण और एसी बसों में समान रूप से लागू रहेगी।
आठ दशक बाद भी रोड़वेज बस सेवा विहीन क्षेत्र के नौ मार्ग।
तहसील मुख्यालय जलेसर से नौ मार्ग निकलते हैं। जो सीसीधे तौर पर एटा, निधौली कलाँ, अवागढ़, कासगंज, सिकंदराराऊ,अलीगढ़, हसायन, सासनी, हाथरस, सादाबाद, मथुरा, आगरा, फिरोजाबाद, टूंडला लगभग दर्जनभर से अधिक शहरों को जोड़ते हैं। लेकिन आजादी के 80साल बाद भी क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों एवं शासन , द्वारा इन मार्गों पर। नियमित रोड़वेज बस सेवा का संचालन करने की जहमत नहीं उठाई है।
नूँह खेड़ा की नूतन शर्मा
बताती हैं कि उनका मायका हाथरस में है । नूँह खेड़ा से हाथरस को कोई रोड़वेज बस सेवा भी नहीं है। रोड़वेज बस सेवा नहीं होने से स्थानीय महिलाओ और बालिकाओं को काफी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। ऐसे में सरकार की इस घोषणा से क्षेत्रीय महिलाएं मायूस बनी हुई है।
नोहखास की अंशू पण्डित का कहना है कि हर वर्ष रक्षाबंधन पर वह राखी बांधने के लिए सिकंदराराऊ जाती है। लेकिन नोहखास से सिकंदराराऊ के लिए कोई रोड़वेज बस सेवा भी नहीं है। प्रदेश की भाजपा सरकार बीते साढ़े चार साल से बन रहे रोड़वेज बस डिपो को भी अभी तक पूरा नहीं करा पाई है। इसलिए सरकार की यह घोषणा जलेसर क्षेत्र की महिलाओं और बालिकाओं को धोखा देने वाली साबित हो रही है।
नगर के मोहल्ला ब्लॉक कॉलोनी निवासी नीलम सिंह जादौन बताती हैं, कि मेरा मायका फिरोजाबाद जनपद में पड़ता है। लेकिन ससुराल से मायके जाने के लिए कोई रोडवेज बस सेवा भी नहीं है। ऐसे में सरकार की इस घोषणा का सिर्फ हवा हवाई है। सरकार ने उनके साथ ही नहीं अपितु स्थानीय क्षेत्र की लाखों महिलाओं एवं बालिकाओं को बीते 12 वर्षों से धोखा दिया जा रहा है। सरकार द्वारा रोड़वेज बस सेवा शुरू नहीं किए जाने से आधी आबादी मायूस बनी हुई है।
गांव खेड़ानोह की मनोज देवी
बताती हैं, कि उनका मायका अलीगढ़ जनपद में है। लेकिन ससुराल से मायके तक जाने के लिए कोई रोड़वेज बस सेवा भी संचालित नहीं है। परिणाम स्वरूप सरकार द्वारा रक्षाबंधन पर फ्री सफर को लेकर की गई घोषणा स्थानीय महिलाओं के लिए सिर्फ छलावा है। बीते दो दशकों में सरकार स्थानीय क्षेत्र में रोडवेज बस सेवा तक शुरू नहीं कर पाई है।

