फर्रुखाबाद।
दिल्ली के साकेत थाना क्षेत्र में महिला पत्रकारों के साथ पुलिस द्वारा कथित मारपीट एवं दुर्व्यवहार के विरोध में सोमवार को पत्रकारों ने आवाज बुलंद की। जिलाध्यक्ष अरविंद शुक्ला ने अपने सभी पत्रकार साथियों के साथ जिलाधिकारी को राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपकर पूरे प्रकरण की निष्पक्ष न्यायिक जांच कराने और दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की।
ज्ञापन में मांग की गई कि महिला पत्रकारों के साथ हुई कथित मारपीट की जांच किसी उच्च न्यायालय के न्यायाधीश से कराई जाए। जांच में दोषी पाए जाने वाले पुलिसकर्मियों एवं अधिकारियों के विरुद्ध विभागीय और कानूनी कार्रवाई करते हुए पीड़ित पत्रकारों को न्याय दिलाया जाए।
इस मौके पर अरविंद शुक्ला ने कहा कि पत्रकार लोकतंत्र के चौथे स्तंभ के रूप में जनता की आवाज शासन-प्रशासन तक पहुंचाते हैं। पत्रकारों के साथ किसी भी प्रकार का दुर्व्यवहार लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए गंभीर चिंता का विषय है। उन्होंने दोषी पाए जाने वाले पुलिसकर्मियों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि ऐसी कार्रवाई होनी चाहिए जिससे भविष्य में किसी भी पत्रकार के साथ इस प्रकार का व्यवहार करने का साहस न हो।
अरविंद शुक्ला ने ज्ञापन सौंपने के दौरान उपस्थित सभी पत्रकार साथियों का आभार व्यक्त किया और कहा कि पत्रकारों की एकजुटता ही स्वतंत्र एवं निर्भीक पत्रकारिता की ताकत है।
ज्ञापन सौंपने के दौरान पत्रकार अनुराग दुबे, आर्यन बाजपेई, मनीष श्रीवास्तव, रवि चौहान, गौरव शुक्ला, राहुल कठेरिया, सुमित जोशी, मनीष यादव, धर्मवीर सिंह, सुरेंद्र सिंह, कुमारी किरण, श्याम सिंह यादव, रैना कुशवाहा, कमलकांत (के.के.), अमित गुप्ता, बलवीर कुशवाहा, शिवकिशोर, राजेंद्र मिश्रा, शानू खान, बृजमोहन सिंह एवं अतुल जैन सहित अन्य पत्रकार मौजूद रहे।

