निजी स्कूलों की मनमानी फीस वसूली के खिलाफ भड़का आक्रोश: फर्रुखाबाद विकास मंच ने कलेक्ट्रेट में भरी हुंकार, दिया ज्ञापन |

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Manoj Jauhri
Manoj Jauhri ब्यूरो चीफ (फर्रुखाबाद) - एक अनुभवी पत्रकार हैं, जो राजनीति, अपराध, शिक्षा, मनोरंजन और स्थानीय समाचारों पर पोस्ट करते हैं। वे तथ्यों पर आधारित...
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जनपद के निजी स्कूलों की मनमानी फीस वसूली के खिलाफ भड़का आक्रोश: फर्रुखाबाद विकास मंच ने कलेक्ट्रेट में भरी हुंकार.

अल्टीमेटम: 3 दिन में कार्रवाई न होने पर चौक पर धरने की चेतावनी; बोले भईयन मिश्रा— “सांसद-विधायक मौन, जनता बेहाल.

फतेहगढ़, फर्रुखाबाद।

जनपद के निजी स्कूलों द्वारा एडमिशन फीस के नाम पर अवैध वसूली और निर्धारित दुकानों से ही कॉपी-किताबें खरीदने के दबाव के खिलाफ आज अभिभावकों और सामाजिक कार्यकर्ताओं का गुस्सा फूट पड़ा।

फर्रुखाबाद विकास मंच के जिला अध्यक्ष भईयन मिश्रा के नेतृत्व में बड़ी संख्या में जागरूक नागरिकों ने जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचकर प्रदर्शन किया। अवकाश होने के कारण, जिलाधिकारी को संबोधित 6 सूत्रीय ज्ञापन उप जिलाधिकारी (SDM) फर्रुखाबाद को सौंपा गया।

6 प्रमुख माँगें: लूट तंत्र पर प्रहार

ज्ञापन में स्पष्ट रूप से चेतावनी दी गई है कि यदि निजी स्कूलों की मनमानी नहीं रुकी, तो सड़कों पर उग्र आंदोलन होगा। प्रमुख माँगें निम्नलिखित हैं:

NCERT की अनिवार्यता: जनपद के प्रत्येक निजी स्कूल में केवल NCERT की पुस्तकें ही चलाई जाएं। प्राइवेट पब्लिशर्स की महंगी किताबों पर पूर्ण प्रतिबंध लगे।

प्रवेश शुल्क पर रोक: प्रतिवर्ष ‘एडमिशन फीस’ के नाम पर होने वाली अवैध वसूली को तत्काल बंद किया जाए।

फीस का पारदर्शी ब्यौरा: मासिक फीस की रसीद में स्पष्ट उल्लेख हो कि किस मद में कितनी राशि ली जा रही है।

दुकानों की सेटिंग खत्म हो: अभिभावकों को किसी विशेष दुकान से सामग्री खरीदने के लिए मजबूर न किया जाए

फीस वृद्धि पर नियंत्रण: मनमाने तरीके से बढ़ाई जा रही स्कूल फीस पर लगाम लगे।

लूट के अड्डों पर कार्रवाई: नियमों का उल्लंघन करने वाले स्कूलों की मान्यता रद्द करने पर विचार हो।

“नर्सरी के बच्चे का खर्च 1 लाख के पार

प्रदर्शन के बाद मीडिया से मुखातिब होते हुए जिलाध्यक्ष भईयन मिश्रा ने तीखे तेवर अपनाए। उन्होंने कहा, “पूरे जनपद में निजी स्कूल शिक्षा के नाम पर ‘लूट के अड्डे’ बन चुके हैं।

आज एक नर्सरी के बच्चे की साल भर की पढ़ाई का खर्च 1 लाख रुपये से ऊपर पहुँच गया है। मध्यमवर्गीय और गरीब परिवारों की कमर टूट चुकी है। प्रशासन को 3 दिन का समय दिया गया है, यदि ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो चौक पर विशाल धरना दिया जाएगा।”

उन्होंने क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों को भी आड़े हाथों लेते हुए कहा कि दुर्भाग्यपूर्ण है कि सत्ता पक्ष और विपक्ष के सांसद-विधायक आँखों पर पट्टी बांधकर बैठे हैं और जनता की जेब पर डकैती डाली जा रही है।

शिक्षा नहीं, स्टेटस सिंबल का खेल अंतर्राष्ट्रीय हिंदू परिषद के जिला महामंत्री अंगद पांडे ने कहा कि स्कूलों में पढ़ाई का स्तर गिरता जा रहा है, लेकिन ‘स्टेटस सिंबल’ के नाम पर अभिभावकों को लूटा जा रहा है। इसे अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

ज्ञापन देने वालों में प्रमुख रूप से राजा मिश्रा, ओमनिवास पाठक, निश्चित दुबे उर्फ निशु, डॉ. पंकज राठौर, अवनीश त्रिवेदी उर्फ माधव, सभासद बाबू अग्निहोत्री, सभासद उमेश जाटव, रजत वर्मा, आयुष सक्सेना, अभिषेक श्रीवास्तव, सनी बाथम, विष्णु मिश्रा (राष्ट्रीय बजरंग दल अध्यक्ष), शिवांग बाजपेई, सुमित भल्ला, महेश चंद्र, बंटी यादव, दीपक कनौजिया, कुलदीप दीक्षित, अजय मिश्रा, अनुज तिवारी सहित सैकड़ों की संख्या में लोग मौजूद रहे।

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Manoj Jauhri ब्यूरो चीफ (फर्रुखाबाद) - एक अनुभवी पत्रकार हैं, जो राजनीति, अपराध, शिक्षा, मनोरंजन और स्थानीय समाचारों पर पोस्ट करते हैं। वे तथ्यों पर आधारित और विश्वसनीय समाचार सामग्री तैयार करने में विशेषज्ञता रखते हैं।
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