फर्रुखाबाद।
शहर के एक पेट्रोल पंप पर कम पेट्रोल देने की शिकायत के बाद गुरुवार को बांट-माप एवं आपूर्ति विभाग की संयुक्त टीम ने मौके पर पहुंचकर गहन जांच की। जांच के दौरान पेट्रोल पंप की मशीन, नोजल और मेजर की जांच की गई। सभी व्यवस्थाएं मानकों के अनुरूप सही पाए जाने के बाद संबंधित नोजल से पेट्रोल की बिक्री दोबारा शुरू करने की अनुमति दे दी गई।
मामला उस समय सामने आया जब हरदोई निवासी जगपाल ने आरोप लगाया कि उन्होंने पेट्रोल पंप पर 200 रुपये का पेट्रोल डलवाया, लेकिन उन्हें निर्धारित मात्रा से कम पेट्रोल दिया गया। शिकायत के बाद मामला अधिकारियों तक पहुंचा। मौके पर डायल-112 पुलिस, बस स्टैंड चौकी पुलिस तथा आपूर्ति विभाग की टीम पहुंची और शिकायत वाले नोजल से पेट्रोल की बिक्री पर तत्काल रोक लगा दी गई थी।
पांच लीटर के मेजर से हुई कड़ी जांच
गुरुवार को बांट-माप विभाग की वरिष्ठ निरीक्षक मीनू तिवारी आपूर्ति विभाग की टीम के साथ पेट्रोल पंप पर पहुंचीं। टीम ने सबसे पहले नोजल से पेट्रोल की मात्रा की जांच की। इसके लिए पांच लीटर के मानक मेजर का इस्तेमाल किया गया। जांच में पेट्रोल की मात्रा सही पाई गई।
इसके बाद अधिकारियों ने पेट्रोल पंप की मशीन खुलवाकर उसकी सील की भी बारीकी से जांच की। मशीन और सील में किसी तरह की गड़बड़ी सामने नहीं आई। जांच पूरी होने के बाद अधिकारियों ने माना कि मशीन की माप व्यवस्था दुरुस्त है।
शिकायत के बाद थमी बिक्री, जांच में क्लीन चिट
कम पेट्रोल मिलने के आरोप के बाद जिस नोजल की बिक्री रोक दी गई थी, जांच में वह सही पाए जाने के बाद उसे दोबारा चालू करने की अनुमति दे दी गई। अधिकारियों के निर्देश के बाद पेट्रोल पंप पर संबंधित नोजल से बिक्री फिर शुरू हो गई।
जांच के बाद फिलहाल मशीन में किसी प्रकार की छेड़छाड़ या माप में गड़बड़ी के प्रमाण नहीं मिले हैं। हालांकि, शिकायत के कारण पेट्रोल पंप की व्यवस्था को लेकर उठे सवालों पर विभागीय टीम की जांच के बाद स्थिति साफ हो गई है।

