अमृतपुर/फर्रुखाबाद |
15 सितंबर। सरकारी भूमि पर अवैध कब्जे के खिलाफ तहसील प्रशासन ने मंगलवार को कार्रवाई करते हुए बलीपट्टी रानीगांव में पक्के निर्माण को ध्वस्त कराकर भूमि को कब्जामुक्त करा दिया। कार्रवाई तहसीलदार एवं सहायक कलेक्टर प्रथम श्रेणी शशांक सिंह की मौजूदगी में राजस्व और पुलिस टीम ने की।
न्यायालय तहसीलदार अमृतपुर में उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता-2006 की धारा 67 के तहत चले वाद में क्षेत्रीय लेखपाल की रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की गई। रिपोर्ट के मुताबिक ग्राम बलीपट्टी रानीगांव स्थित सरकारी बंजर भूमि के गाटा संख्या 260ख, जिसका कुल क्षेत्रफल 0.0200 हेक्टेयर है, उसमें से करीब 0.0015 हेक्टेयर भूमि पर धर्मेन्द्र पुत्र लंकुश द्वारा पक्का निर्माण कर अनधिकृत कब्जा किया गया था।
मामले में राजस्व विभाग की ओर से नियमानुसार नोटिस जारी कर पक्ष रखने का अवसर दिया गया था। प्रतिवादी ने 14 अगस्त को आपत्ति दाखिल करने के लिए समय मांगा, लेकिन पर्याप्त अवसर दिए जाने के बावजूद आपत्ति दाखिल नहीं की गई। इसके बाद न्यायालय ने उपलब्ध राजस्व अभिलेखों, क्षेत्रीय लेखपाल की रिपोर्ट और नक्शा नजरी का परीक्षण किया। सरकारी भूमि पर कब्जा पाए जाने पर न्यायालय ने बेदखली का आदेश पारित किया।
आदेश के तहत कब्जेदार को सरकारी भूमि से बेदखल करने के साथ 160 रुपये क्षतिपूर्ति/अर्थदंड और 1,000 रुपये निष्पादन व्यय, कुल 1,160 रुपये की वसूली के निर्देश दिए गए। आदेश के अनुपालन में प्रशासनिक टीम मौके पर पहुंची और बुलडोजर की मदद से अवैध कब्जे वाले पक्के निर्माण को ध्वस्त कर सरकारी भूमि को कब्जामुक्त करा दिया।
कार्रवाई के दौरान तहसीलदार शशांक सिंह, कानूनगो दिनेश चंद्र शर्मा, लाल बहादुर, उपनिरीक्षक खूबेलाल, चौकी प्रभारी राहुल कुमार समेत राजस्व एवं पुलिसकर्मी मौजूद रहे। प्रशासन की कार्रवाई के दौरान मौके पर लोगों की भीड़ भी जुट गई।
तहसील प्रशासन ने स्पष्ट किया कि सरकारी भूमि पर किसी भी प्रकार का अनधिकृत कब्जा पाए जाने पर राजस्व कानून के तहत कार्रवाई की जाएगी और सरकारी भूमि को कब्जामुक्त कराया जाएगा।

