पारंपरिक खेती के साथ फसल विविधीकरण और क्लस्टर खेती अपनाकर आय बढ़ाएं किसान — जिलाधिकारी
मैनपुरी (अजय किशोर) जनपद में आयोजित प्राकृतिक खेती कार्यशाला एवं किसान संवाद कार्यक्रम में जिलाधिकारी डॉ. इन्द्रमणि त्रिपाठी ने किसानों को आधुनिक तकनीक और फसल विविधीकरण अपनाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि किसान देश की अर्थव्यवस्था की मजबूत नींव हैं और यदि वे परंपरागत फसलों के साथ-साथ पशुपालन, बागवानी, सब्जी व फलोत्पादन जैसी नकदी फसलों को अपनाएं, तो उनकी आय में कई गुना वृद्धि संभव है। जिलाधिकारी ने रासायनिक खादों और कीटनाशकों के अत्यधिक प्रयोग से मिट्टी की उर्वरता और लाभकारी जीवों को हो रहे नुकसान पर चिंता व्यक्त करते हुए प्राकृतिक एवं जैविक खेती की ओर बढ़ने पर जोर दिया।
कार्यक्रम के दौरान जिलाधिकारी ने क्लस्टर आधारित सामूहिक खेती को किसानों के लिए आर्थिक क्रांति का माध्यम बताया। उन्होंने कहा कि जब गांव के किसान सामूहिक रूप से एक ही फसल उगाएंगे, तो बड़ी एजेंसियां सीधे खेतों से उपज खरीद सकेंगी, जिससे बिचौलियों से मुक्ति मिलेगी और सही मूल्य प्राप्त होगा। इसके लिए उन्होंने कृषि एवं उद्यान विभाग के अधिकारियों को क्लस्टर खेती के मॉडल गांव चिन्हित करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही उन्होंने प्रशासन की संवेदना पहल की जानकारी देते हुए बताया कि किसी किसान की मृत्यु होने पर शोक संतप्त परिवार को विरासत संबंधी कार्यों के लिए भटकना न पड़े, इसके लिए प्रशासन तेरहवीं के अवसर पर स्वयं संवेदना पत्र, पौधा और आवश्यक राजस्व अभिलेख उपलब्ध कराता है।
इस संवाद कार्यक्रम में उपस्थित किसानों को किसान रजिस्ट्री, भंडारण तकनीक और सरकारी अनुदानों की विस्तृत जानकारी दी गई। कार्यक्रम में प्राकृतिक खेती और कृषि क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले मुकेश कुमार, सुखवीर सिंह, विश्वनाथ, शिवराम सहित अनेक प्रगतिशील और प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के लाभार्थी कृषकों को शॉल, प्रतीक चिन्ह व प्रमाण-पत्र भेंट कर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर उप कृषि निदेशक नरेन्द्र कुमार त्रिपाठी, जिला कृषि अधिकारी अविशांक सिंह चौहान और वरिष्ठ कृषि वैज्ञानिकों सहित बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे।
