CPGRAMS पोर्टल पर समस्या को दर्ज कर हैंडपंपों पर लगे अवैध मोटर हटे, ग्रामीणों को फिर से मिला पानी

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CPGRAMS पोर्टल पर समस्या को दर्ज कर हैंडपंपों पर लगे अवैध मोटर हटे, ग्रामीणों को फिर से मिला पानी

फतेहपुर जिले के मुसाफा ग्राम पंचायत के अंतर्गत कुचवारा गांव में सार्वजनिक हैंडपंपों के दुरुपयोग का मामला सामने आया, जहां कुछ लोगों ने तीन में से दो हैंडपंपों पर निजी मोटर लगाकर पानी निकालना शुरू कर दिया था। इससे आम ग्रामीणों को पानी मिलने में भारी दिक्कत होने लगी। लगातार बिजली कटौती के चलते स्थिति और गंभीर हो गई और पूरे क्षेत्र में जल संकट उत्पन्न हो गया।

स्थानीय स्तर पर शिकायत के बाद ब्लॉक सचिव ने जांच कर चार दिन के भीतर मोटर हटाने के निर्देश दिए थे, लेकिन इसका पालन नहीं हुआ। इसके बाद श्री करण ने इस गंभीर समस्या को सीपीग्राम्स (CPGRAMS) पोर्टल पर दर्ज कराया।

मामले की गंभीरता को देखते हुए पंचायती राज मंत्रालय के पहल पर उत्तर प्रदेश सरकार ने सहायक विकास अधिकारी (पंचायत) को तत्काल जांच और कार्रवाई के निर्देश दिए। अधिकारी ने मौके पर पहुंचकर हैंडपंपों से अवैध मोटर हटवाए, जिससे जलापूर्ति सामान्य हो सकी।

समस्या के समाधान के बाद शिकायतकर्ता से मोबाइल फोन पर संपर्क कर जानकारी दी गई, जिस पर उन्होंने पूर्ण संतोष व्यक्त किया।

केंद्रीकृत सार्वजनिक शिकायत निवारण एवं निगरानी प्रणाली (सीपीग्राम्स) एक ऑनलाइन प्लेटफॉर्म है जो नागरिकों को चौबीसों घंटे सातों दिन उपलब्ध है, जिसके माध्यम से वे सेवा वितरण से संबंधित किसी भी विषय पर सार्वजनिक अधिकारियों के समक्ष अपनी शिकायतें दर्ज करा सकते हैं। यह एक एकल पोर्टल है जो भारत सरकार और राज्यों के सभी मंत्रालयों/विभागों से जुड़ा हुआ है। प्रत्येक मंत्रालय और राज्य को इस प्रणाली तक भूमिका-आधारित पहुंच प्राप्त है। सीपीग्राम्स गूगल प्ले स्टोर से डाउनलोड किए जा सकने वाले एक स्वतंत्र मोबाइल एप्लिकेशन और उमंग के साथ एकीकृत मोबाइल एप्लिकेशन के माध्यम से भी नागरिकों के लिए सुलभ है।

शिकायतकर्ता के पंजीकरण के समय दी गई विशिष्ट पंजीकरण आईडी के माध्यम से सीपीग्राम्स में दर्ज शिकायत की स्थिति का पता लगाया जा सकता है। शिकायत अधिकारी द्वारा दिए गए समाधान से संतुष्ट न होने पर सीपीग्राम्स नागरिकों को अपील करने की सुविधा भी प्रदान करता है। शिकायत बंद होने के बाद भी यदि शिकायतकर्ता समाधान से संतुष्ट नहीं है, तो वह प्रतिक्रिया दे सकता है। यदि रेटिंग ‘खराब’ है, तो अपील दायर करने का विकल्प सक्रिय हो जाता है। याचिकाकर्ता शिकायत पंजीकरण संख्या के माध्यम से अपील की स्थिति का भी पता लगा सकता है।

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