आश्वासन मिले, खबरें छपीं, पत्राचार हुआ…विधायक के निरीक्षण और आश्वासन के बाद भी नहीं बदली तस्वीर |

By
Manoj Jauhri
Manoj Jauhri ब्यूरो चीफ (फर्रुखाबाद) - एक अनुभवी पत्रकार हैं, जो राजनीति, अपराध, शिक्षा, मनोरंजन और स्थानीय समाचारों पर पोस्ट करते हैं। वे तथ्यों पर आधारित...
8 Min Read

Ad image

:

अमृतपुर/फर्रुखाबाद।

अमृतपुर कस्बे की यह सड़क देखकर इसे सड़क कहना भी मुश्किल नजर आता है। कहीं गहरे गड्ढे हैं तो कहीं गंदा और बदबूदार पानी भरा है। दोनों ओर उगी झाड़ियां और बीच रास्ते में जमा कीचड़ राहगीरों की परेशानी को और बढ़ा रहे हैं। करीब दो दशक से जर्जर इस मुख्य मार्ग की हालत पिछले कई वर्षों में लगातार खराब होती गई, लेकिन जिम्मेदारों की अनदेखी के चलते समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो सका।

यह वही मार्ग है जो फर्रुखाबाद बदायूं मार्ग से भाजपा के कद्दावर नेता रहे पूर्व ऊर्जा मंत्री स्व. ब्रह्मदत्त द्विवेदी के घर तक जाता है और कस्बे की करीब आधी आबादी के आवागमन का प्रमुख रास्ता है। सड़क के दोनों ओर बस्ती है, बावजूद इसके पानी निकासी के लिए समुचित नाला तक नहीं बनाया जा सका। करीब 300 मीटर का हिस्सा इतना बदहाल है कि यहां पैदल निकलना भी किसी चुनौती से कम नहीं है।

फोटो में दिख रही तस्वीर, जमीनी हकीकत की गवाही

सड़क की वर्तमान स्थिति की तस्वीर में साफ दिखाई दे रहा है कि रास्ते पर गंदा पानी जमा है। सड़क का बड़ा हिस्सा कीचड़ में तब्दील है और दोनों ओर घनी झाड़ियां खड़ी हैं। पानी के बीच से होकर लोगों को आवागमन करना पड़ रहा है। लंबे समय से जलभराव के कारण सड़क की सतह पूरी तरह खराब हो चुकी है।

बारिश के दिनों में स्थिति और विकट हो जाती है। गड्ढों में पानी भर जाने के कारण उनकी गहराई का पता नहीं चलता। दोपहिया वाहन चालकों के गिरने का खतरा बना रहता है, जबकि बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों को पैदल निकलने में भी परेशानी होती है।

विधायक ने मौके पर पहुंचकर देखे थे हालात

अमृतपुर विधायक सुशील कुमार शाक्य क्षेत्र के विधायक हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार विधायक स्वयं मौके पर जाकर सड़क की स्थिति देख चुके हैं और लोगों को सड़क सही कराने का आश्वासन भी दिया था। इसके बावजूद लोगों का कहना है कि मौके पर स्थिति में अब तक कोई सुधार नहीं हुआ।

जिला पंचायत सदस्य ने भी कई बार किया पत्राचार

सड़क की बदहाली को लेकर जिला पंचायत सदस्य अजय कुमार सिंह चौहान की ओर से कई बार लिखित पत्राचार किए जाने की बात सामने आई है। बताया जाता है कि सड़क मंडी समिति के अंतर्गत आती है। पत्राचार के बाद मंडी समिति की ओर से लोक निर्माण विभाग को भी पत्र लिखा गया था। इसके बावजूद सड़क आज भी उसी हालत में है।

यानी सड़क को लेकर शिकायतें भी हुईं, पत्राचार भी हुआ और मौके का निरीक्षण भी हुआ, लेकिन नतीजा फिर भी शून्य नजर आ रहा है।

अखबारों में खबरें छपने के बाद भी नहीं बदली तस्वीर

कस्बावासियों का कहना है कि सड़क की बदहाली को लेकर कई बार खबरें प्रकाशित हो चुकी हैं। इसके बावजूद समस्या पर जिम्मेदारों का ध्यान नहीं गया। लोगों का कहना है कि वर्षों से शिकायतें करने के बाद भी यदि सड़क की हालत नहीं बदल रही है तो आखिर उनकी सुनवाई कब होगी |

घरों में घुसते हैं सांप, बच्चों की पढ़ाई भी प्रभावित

जलभराव और झाड़ियों के कारण आसपास रहने वाले लोगों को केवल आवागमन की समस्या ही नहीं झेलनी पड़ रही, बल्कि जहरीले जीव-जंतुओं का खतरा भी बना हुआ है। महिलाओं के मुताबिक गंदगी और झाड़ियों के कारण सांप अक्सर घरों में घुस जाते हैं। वहीं सड़क पर पानी भरा रहने से बच्चों को स्कूल आने-जाने में परेशानी होती है।

मंजू देवी ने बताया, सड़क पर पानी भरा रहता है बच्चों को स्कूल जाने में परेशानी होती है। कई वर्षों से सड़क बदहाल है। गंदगी के कारण अक्सर सांप घरों में घुस जाते हैं। मेरे पति को भी सांप ने काट लिया। इस बार भी यदि सड़क नहीं बनी तो किसी को वोट नहीं देंगे।

वेदवती ने बताया, पानी निकासी नहीं है नाले का कोई इंतजाम नहीं है। जिससे पूरी बस्ती का पानी उनके घर में भर जाता है। बच्चे गंदे पानी में गिर जाते हैं। नाला और सड़क बनने से उनके परिवार और मोहल्ले को बड़ी राहत मिलेगी।

रीता देवी बताती हैं, जब से उनकी शादी होके वह अमृतपुर आई हैं तब से इस सड़क की स्थिति खराब देखी है। उन्हें उम्मीद है इस वर्ष यह सड़क बन जाएगी तो छोटे छोटे बच्चों को स्कूल जाने में परेशानी नहीं होगी।

आधी आबादी के आवागमन का रास्ता, फिर भी अनदेखी

यह मार्ग कस्बे के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। दोनों ओर आबादी होने के साथ ही बड़ी संख्या में लोग प्रतिदिन इसी रास्ते से बाजार, स्कूल, तहसील और अन्य स्थानों के लिए निकलते हैं। इसके बावजूद सड़क की हालत लगातार बिगड़ती गई।

कस्बावासियों की मांग है कि सड़क निर्माण के साथ-साथ दोनों ओर जलनिकासी के लिए नाला बनाया जाए। केवल गड्ढे भरने से समस्या का समाधान नहीं होगा, क्योंकि पानी निकासी की व्यवस्था नहीं होने पर सड़क फिर जलभराव और कीचड़ की चपेट में आ जाएगी।

ग्राम प्रधान सचिन देव तिवारी ने बताया कि इस सड़क को बनवाने के लिए उनके द्वारा काफी प्रयास किया गया क्षेत्रीय विधायक सुशील कुमार शाक्य को मौके पर ले जाकर सड़क की स्थिति के बारे में अवगत कराया गया। प्रयासों के बावजूद सड़क अभी तक नहीं बन सकी।

मंडी परिषद कानपुर के अधिशाषी अभियंता पंकज गुप्ता से जब फोन द्वारा इस सड़क के विषय में उनको जानकारी दी गई तो उन्होंने बताया कि आज तक इस सड़क के विषय में हमें कोई जानकारी प्राप्त नहीं हुई है। मंडी परिषद की 125 सड़के हैं जिनमें कुछ सड़के पीडब्ल्यूडी विभाग के द्वारा बना दी गई हैं। यदि यह अमृतपुर की सड़क मंडी समिति के अंतर्गत आती है तो बिल्कुल इस सड़क को हम लोग जल्द ही बना देंगे।

अब आश्वासन नहीं, काम का इंतजार

करीब दो दशक से समस्या झेल रहे लोगों का कहना है कि उन्हें अब आश्वासन नहीं, बल्कि सड़क पर निर्माण कार्य दिखाई देना चाहिए। प्रशासन और संबंधित विभाग यदि समय रहते कार्रवाई नहीं करते हैं तो जर्जर सड़क और जलभराव आने वाले दिनों में किसी बड़े हादसे का कारण बन सकते हैं।

छोटेलाल, ताना शर्मा, रिंकू बाबा, हर्षित, धर्मवीर पटवा, बुधपाल, देवेश शुक्ला, सर्वेश, राजीव, शिवकुमार, सुनील, अमरदीप, टिंकू,बिक्कू अवस्थी,रामसिंह, अखिलेश, अनिल, सोनू, संतोष, बहादुर, बिजेंद्र, झंगड़ी, बिच्छू, राजीव, मंजू देवी, रीता, मीना, वेदवती और विश्वमोहिनी आदि कस्बावासियों का सीधा सवाल है जब शिकायतें हुईं, पत्राचार हुआ, विधायक ने मौके पर पहुंचकर स्थिति देखी और सड़क बनवाने का आश्वासन भी दिया, तो आखिर यह सड़क अब तक क्यों नहीं बनी |

Subscribe Newsletter

Loading
Share This Article
Manoj Jauhri ब्यूरो चीफ (फर्रुखाबाद) - एक अनुभवी पत्रकार हैं, जो राजनीति, अपराध, शिक्षा, मनोरंजन और स्थानीय समाचारों पर पोस्ट करते हैं। वे तथ्यों पर आधारित और विश्वसनीय समाचार सामग्री तैयार करने में विशेषज्ञता रखते हैं।
Leave a Comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *