मानदेय की मांग पर गरजीं आशा-संगिनियां, सीएचसी गेट पर धरना; प्रदर्शन के दौरान एक कार्यकर्ता की बिगड़ी तबीयत
शमसाबाद/फर्रुखाबाद ।
स्वास्थ्य विभाग की योजनाओं को गांव-गांव तक पहुंचाने वाली आशा कार्यकर्ताओं और संगिनियों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर शनिवार को शमसाबाद सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) के गेट पर जोरदार धरना-प्रदर्शन किया। आशा संगठन के बैनर तले हुए प्रदर्शन में 50 से अधिक आशा कार्यकर्ता और संगिनियां शामिल हुईं। दोपहर करीब 12 बजे से दो बजे तक चले धरने के दौरान कार्यकर्ताओं ने अपनी मांगों को लेकर आवाज बुलंद की और जिम्मेदार अधिकारियों से जल्द समाधान की मांग की।
प्रदर्शन के दौरान उस समय अफरा-तफरी की स्थिति बन गई, जब आशा कार्यकर्ता मीना देवी की अचानक तबीयत बिगड़ गई। साथी कार्यकर्ताओं ने तत्काल उन्हें संभाला और पानी के छींटे दिए। कुछ देर बाद उनकी हालत में सुधार होने पर स्थिति सामान्य हुई।
सात सूत्रीय मांगों को लेकर उठाई आवाज
आशा-संगिनियों ने सरकार के समक्ष अपनी प्रमुख मांगें रखते हुए कहा कि उनके कार्य और जिम्मेदारियों को देखते हुए मानदेय में सम्मानजनक वृद्धि की जाए। संगठन की ओर से आशा कार्यकर्ता के लिए 21 हजार रुपये तथा संगिनी के लिए 26 हजार रुपये मासिक मानदेय लागू करने की मांग की गई।
इसके साथ ही आशा एवं संगिनी कार्यकर्ताओं को राज्य कर्मचारी का दर्जा देने, कार्यकर्ताओं और उनके परिवारों को पांच लाख रुपये तक की कैशलेस चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने की मांग उठाई गई।
संगिनियों ने क्षेत्र में लगातार भ्रमण करने के लिए इलेक्ट्रिक स्कूटी उपलब्ध कराने, आशा-संगिनियों को मोबाइल फोन, बेहतर प्रशिक्षण तथा बीमा सुविधा दिए जाने सहित अन्य मांगें भी रखीं।
मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रखने की चेतावनी
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि आशा और संगिनियां स्वास्थ्य विभाग की विभिन्न योजनाओं को जमीनी स्तर तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं, लेकिन उनकी समस्याओं और सुविधाओं पर अपेक्षित ध्यान नहीं दिया जा रहा है। संगठन ने मांगों पर जल्द सकारात्मक निर्णय लेने की अपील की है। साथ ही चेतावनी दी कि मांगों का समाधान नहीं होने तक आंदोलन जारी रखा जाएगा।

