मोहम्मदाबाद/फर्रुखाबाद/
कहते हैं कि सफलता उन्हीं के कदम चूमती है जो कठिन परिस्थितियों में भी अपने लक्ष्य से समझौता नहीं करते। इस कहावत को सच साबित कर दिखाया है फर्रुखाबाद के 24 वर्षीय युवा अंकित कुमार ने, जिन्होंने लगातार 12 प्रयासों के बाद भारतीय वायुसेना में फ्लाइंग ऑफिसर बनकर जिले का नाम रोशन किया है।
मोहम्मदाबाद क्षेत्र के पैतृक गांव अहिमलापुर तथा वर्तमान में मसेनी के पटेल नगर निवासी अंकित कुमार की यह उपलब्धि आज जिले के युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बन गई है। 13 जून को हैदराबाद स्थित एयरफोर्स अकादमी में आयोजित भव्य पासिंग आउट परेड के दौरान देश के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की उपस्थिति में अंकित को राष्ट्रपति आयोग (President’s Commission) प्रदान किया गया। इसके साथ ही उन्होंने भारतीय वायुसेना में फ्लाइंग ऑफिसर के रूप में अपनी नई जिम्मेदारी संभाल ली।
हार नहीं मानी, 12 बार प्रयास कर हासिल किया सपना
अंकित की सफलता की सबसे बड़ी खासियत यह है कि उन्होंने असफलताओं से घबराने के बजाय उनसे सीख ली। भारतीय वायुसेना में अधिकारी बनने का सपना लेकर उन्होंने लगातार प्रयास किए और 12 बार चुनौतियों का सामना करने के बाद आखिरकार अपने लक्ष्य को प्राप्त कर लिया। उनकी यह यात्रा उन युवाओं के लिए एक संदेश है जो शुरुआती असफलताओं के बाद अपने सपनों को छोड़ देते हैं।
परिवार के लोगों का कहना है कि अंकित बचपन से ही अनुशासित और मेहनती रहे हैं। सेना और वायुसेना के प्रति उनका लगाव शुरू से ही था और उन्होंने अपने लक्ष्य को पाने के लिए दिन-रात मेहनत की।
सैन्य परिवार से मिला प्रेरणा का संस्कार
अंकित के पिता राजेश चतुर्वेदी भारतीय सेना से ऑनरेरी कैप्टन पद से सेवानिवृत्त हैं। सैन्य परिवेश में पले-बढ़े अंकित को देश सेवा की प्रेरणा परिवार से ही मिली। पिता के अनुशासन और अनुभव ने उन्हें कठिन परिस्थितियों में भी धैर्य बनाए रखने की सीख दी।
परिवार के सदस्यों का कहना है कि अंकित की सफलता केवल उनकी नहीं बल्कि पूरे परिवार के संघर्ष और समर्पण का परिणाम है।
शिक्षा से लेकर चयन तक का सफर
अंकित ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा आर्मी पब्लिक स्कूल, फतेहगढ़ से प्राप्त की। इसके बाद उन्होंने फर्रुखाबाद के डीएनपीजी कॉलेज से उच्च शिक्षा हासिल की। पढ़ाई के साथ-साथ उन्होंने रक्षा सेवाओं में चयन के लिए निरंतर तैयारी जारी रखी।
कई बार असफल होने के बावजूद उन्होंने अपने आत्मविश्वास को कमजोर नहीं पड़ने दिया और अंततः भारतीय वायुसेना में अधिकारी बनने का सपना साकार कर दिखाया।
घर पहुंचने पर हुआ भव्य स्वागत
फ्लाइंग ऑफिसर बनने के बाद जब अंकित अपने घर पहुंचे तो परिवार, रिश्तेदारों और क्षेत्रवासियों ने उनका जोरदार स्वागत किया। फूल-मालाओं से लादकर लोगों ने उनका अभिनंदन किया और मिठाई बांटकर खुशी का इजहार किया।
क्षेत्र के लोगों ने कहा कि अंकित की उपलब्धि से पूरे जिले का गौरव बढ़ा है। युवाओं को उनसे प्रेरणा लेकर कठिन परिश्रम और दृढ़ संकल्प के साथ अपने लक्ष्य की ओर आगे बढ़ना चाहिए।
युवाओं के लिए मिसाल बने अंकित
आज जब कई युवा एक-दो असफलताओं के बाद निराश हो जाते हैं, ऐसे समय में अंकित कुमार की कहानी यह संदेश देती है कि सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं होता। लगातार प्रयास, आत्मविश्वास और दृढ़ इच्छाशक्ति के बल पर किसी भी मंजिल को हासिल किया जा सकता है।
फर्रुखाबाद के इस होनहार बेटे ने साबित कर दिया कि अगर हौसले बुलंद हों तो 12 बार की असफलता भी सफलता की उड़ान को रोक नहीं सकती। भारतीय वायुसेना के फ्लाइंग ऑफिसर के रूप में उनकी यह उपलब्धि जिले के इतिहास में एक प्रेरणादायक उदाहरण के रूप में याद की जाएगी।
