फतेहगढ़।
अपर पुलिस महानिदेशक (एडीजी), कानपुर जोन अनुपम कुलश्रेष्ठ ने जनपद फतेहगढ़ का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने पुलिस लाइन का निरीक्षण करने के साथ-साथ जिले के आला अधिकारियों और थाना प्रभारियों के साथ एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक की। एडीजी ने कानून-व्यवस्था को चुस्त-दुरुस्त रखने, साइबर अपराधों पर लगाम लगाने और जनता के प्रति संवेदनशील व्यवहार करने के सख्त निर्देश दिए।
पुलिस लाइन में ली गार्द सलामी, व्यवस्थाओं को परखा
जनपद आगमन पर एडीजी अनुपम कुलश्रेष्ठ सबसे पहले रिजर्व पुलिस लाइन पहुंचीं, जहां उन्हें गारद द्वारा सलामी दी गई। इसके बाद उन्होंने पुलिस लाइन परिसर का सघन निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने विभिन्न शाखाओं, कार्यालयों और वहां रखे सरकारी अभिलेखों (रिकॉर्ड्स) का बारीकी से अवलोकन किया। उन्होंने पुलिस कर्मियों के अनुशासन, प्रशिक्षण, कल्याण और उनकी कार्यक्षमता को और अधिक प्रभावी व मजबूत बनाने पर विशेष बल दिया।
समीक्षा बैठक में दिए कड़े तेवर, साइबर क्राइम और पेंडिंग केसों पर मंथन
पुलिस लाइन के सभागार कक्ष में एडीजी ने जनपद के समस्त राजपत्रित अधिकारियों और थाना प्रभारियों के साथ एक हाई-लेवल समीक्षा गोष्ठी की। बैठक में मुख्य रूप से निम्नलिखित मुद्दों पर विस्तृत चर्चा हुई और निर्देश दिए गए:
- साइबर अपराधों पर त्वरित एक्शन: एडीजी ने साइबर अपराधों की रोकथाम और दर्ज मामलों का जल्द से जल्द खुलासा (त्वरित अनावरण) करने के निर्देश दिए।
- महिला एवं बाल सुरक्षा सर्वोपरि: क्षेत्र में महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा को लेकर कोई कोताही न बरतने की बात कही गई।
- पेंडिंग विवेचनाओं का निपटारा: लंबे समय से लंबित पड़ी जांचों (विवेचनाओं) को समय सीमा के भीतर पूरा करने और प्रभावी अभियोजन सुनिश्चित करने को कहा गया।
- अपराधियों पर कड़ा शिकंजा: जिले के चिन्हित अपराधियों और माफियाओं के विरुद्ध कठोर और निरंतर कानूनी कार्यवाही जारी रखने के निर्देश दिए।
पारदर्शी और जनोन्मुखी हो पुलिस का चेहरा
बैठक के दौरान एडीजी अनुपम कुलश्रेष्ठ ने अधिकारियों को हिदायत दी कि वे आम जनता की समस्याओं के प्रति पूरी तरह संवेदनशील रहें। उन्होंने कहा कि पुलिसिंग ऐसी होनी चाहिए जो पारदर्शी, जवाबदेह और जनोन्मुखी (जनता के अनुकूल) दिखे, ताकि आम नागरिक बिना किसी डर के अपनी शिकायत पुलिस तक पहुंचा सके। उन्होंने जनशिकायतों के गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध निस्तारण पर भी विशेष जोर दिया।
इस गोष्ठी और निरीक्षण के दौरान जिले के सभी वरिष्ठ पुलिस अधिकारी, क्षेत्राधिकारी (CO) और सभी थानों के प्रभारी मौजूद रहे।
