फर्रुखाबाद/
सदर तहसील परिसर में सुरक्षा व्यवस्था पर उस समय गंभीर सवाल खड़े हो गए, जब एक सुरक्षा गार्ड पर अधिवक्ता को रिवॉल्वर दिखाकर धमकाने का आरोप लगा। घटना के बाद अधिवक्ताओं में जबरदस्त आक्रोश फैल गया और पूरे मामले को लेकर निष्पक्ष जांच व कड़ी कार्रवाई की मांग उठने लगी है।

मिली जानकारी के अनुसार, अधिवक्ता संजय कटियार ने मऊदरवाजा थाने में दी गई तहरीर में आरोप लगाया है कि 20 जुलाई को दोपहर करीब 3 बजे वह एक लिपिक के बुलाने पर तहसील कार्यालय जा रहे थे। इसी दौरान ड्यूटी पर तैनात सुरक्षा गार्ड ने उन्हें रोक लिया। आरोप है कि गार्ड शराब के नशे में था और बिना किसी कारण अभद्र भाषा का प्रयोग करते हुए कार्यालय में प्रवेश से रोकने लगा।
अधिवक्ता का कहना है कि उन्होंने उसी दिन पूरे घटनाक्रम की लिखित शिकायत कार्यालय प्रभारी को सौंपकर मांग की थी कि संबंधित गार्ड को अगले दिन ड्यूटी पर न लगाया जाए। लेकिन शिकायत के बावजूद अधिकारियों ने कोई कार्रवाई नहीं की और गार्ड को दोबारा ड्यूटी पर तैनात कर दिया गया।
मामला और गंभीर हो गया। शिकायत के संबंध में जब अधिवक्ता अधिकारी से मिलने पहुंचे तो आरोप है कि उसी सुरक्षा गार्ड ने फिर से उनके साथ अभद्र व्यवहार किया। इतना ही नहीं, उसने अपनी रिवॉल्वर निकालकर खुलेआम धमकी दी कि यदि उसके खिलाफ आगे कोई कार्रवाई की गई तो अंजाम बहुत बुरा होगा। गार्ड ने यह भी कहा कि “कितने भी अधिवक्ता आ जाएं, उसे कोई फर्क नहीं पड़ता।”
इस घटना के बाद तहसील परिसर का माहौल तनावपूर्ण हो गया। अधिवक्ताओं में भारी रोष व्याप्त है। उनका कहना है कि यदि न्यायालय और तहसील परिसर में ही अधिवक्ता सुरक्षित नहीं हैं तो आम लोगों की सुरक्षा का क्या होगा। अधिवक्ताओं ने चेतावनी दी है कि यदि दोषी सुरक्षा गार्ड के खिलाफ तत्काल कठोर कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन का रास्ता अपनाया जाएगा।
शाम करीब 4 बजे अधिवक्ता संजय कटियार ने मऊदरवाजा थाने पहुंचकर लिखित तहरीर दी और अपनी जान-माल की सुरक्षा की मांग की। पुलिस का कहना है कि शिकायत प्राप्त हो गई है और मामले की जांच के बाद नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
सवालों के घेरे में सुरक्षा व्यवस्था
तहसील जैसे संवेदनशील सरकारी परिसर में यदि सुरक्षा कर्मी पर ही हथियार के बल पर धमकाने का आरोप लगे तो यह व्यवस्था पर गंभीर प्रश्नचिह्न है। अब सभी की निगाहें पुलिस और प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी हैं कि आखिर आरोपित गार्ड के खिलाफ क्या कदम उठाए जाते हैं।
