Etah News : जनरेटर और पंखों की व्यवस्था पर उठे सवाल, भीषण गर्मी में छात्र-छात्राएँ बेहाल
संवाददाता: योगेन्द्र प्रताप सिंह, जलेसर
अवागढ़ (एटा), उत्तर प्रदेश। जनपद एटा के अवागढ़ स्थित जनता इंटर कॉलेज में भीषण गर्मी के बीच बिजली कटौती होने पर विद्यार्थियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। छात्रों का आरोप है कि विद्यालय में जनरेटर उपलब्ध होने के बावजूद बिजली जाने पर उसे नियमित रूप से संचालित नहीं किया जाता, जिससे अधिकांश कक्षाओं में पंखे बंद हो जाते हैं और उमस भरे वातावरण में पढ़ाई करना मुश्किल हो जाता है।
करीब 1,500 विद्यार्थियों वाले इस राजकीय सहायता प्राप्त विद्यालय में लगभग 22 शिक्षक एवं लिपिक कर्मचारी तथा 9 चपरासी कार्यरत हैं। इसके बावजूद मूलभूत सुविधाओं को लेकर सवाल उठ रहे हैं। कई कक्षाओं में 50 से 100 तक छात्र बैठते हैं, जबकि तीन से पांच पंखों में से कुछ खराब हैं और कुछ धीमी गति से चलते हैं। इससे विद्यार्थियों को गर्मी के कारण बार-बार कक्षाओं से बाहर निकलना पड़ता है।
विद्यालय के शौचालयों की सफाई व्यवस्था को लेकर भी छात्रों ने नाराजगी जताई। उनका कहना है कि सफाई कर्मचारी होने के बावजूद शौचालय अक्सर गंदे रहते हैं। हालांकि अधिकांश विद्यार्थियों ने नाम प्रकाशित न करने की शर्त पर अपनी बात रखी। उनका कहना था कि शिकायत करने पर पढ़ाई या परीक्षा में किसी प्रकार की परेशानी होने की आशंका रहती है।
विद्यार्थियों का कहना है कि प्रवेश के समय उनसे पंखा शुल्क, पुस्तकालय शुल्क, विज्ञान शुल्क, रेडक्रॉस शुल्क, विकास शुल्क सहित विभिन्न मदों में शुल्क लिया जाता है। ऐसे में सवाल उठता है कि जब सुविधाओं के नाम पर शुल्क लिया जा रहा है, तो विद्यार्थियों को अपेक्षित सुविधाएँ क्यों नहीं मिल पा रही हैं।
कुछ छात्रों ने आरोप लगाया कि जनरेटर केवल तब चलाया जाता है, जब कोई वरिष्ठ अधिकारी विद्यालय के निरीक्षण के लिए आता है। अधिकारियों के जाने के बाद जनरेटर बंद कर दिया जाता है। छात्रों ने यह भी दावा किया कि विद्यालय में लगभग 10 किलोवाट क्षमता का सोलर सिस्टम स्थापित है, लेकिन वह लंबे समय से बंद पड़ा है। यदि यह सही है, तो रखरखाव के अभाव में सरकारी धन के उपयोग और संसाधनों के संरक्षण पर भी प्रश्न उठते हैं।
मौके पर वीडियो रिकॉर्डिंग के दौरान कई कक्षाओं में पंखे बंद पाए गए और जनरेटर भी संचालित नहीं मिला। इस संबंध में विद्यालय की एक महिला लिपिक ने बताया कि जनरेटर चलता है, लेकिन उस समय डीजल समाप्त हो गया था। यदि ऐसा था, तो समय रहते डीजल की व्यवस्था न होना भी प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करता है।
विद्यालय के प्रबंधक विपिन कुमार जैन (राजा) ने इस मामले में कहा कि उन्हें इस स्थिति की जानकारी नहीं थी। उन्होंने बताया कि वे प्रधानाचार्य से बातचीत कर पूरे मामले की जानकारी लेंगे और आवश्यक कदम उठाएंगे।
अब देखना होगा कि जिला विद्यालय निरीक्षक एवं शिक्षा विभाग इस मामले का संज्ञान लेकर विद्यार्थियों को गर्मी से राहत दिलाने तथा विद्यालय की अन्य मूलभूत सुविधाओं में सुधार के लिए क्या कार्रवाई करते हैं।
