कायमगंज/फर्रुखाबाद।
कहा जाता है कि डॉक्टर केवल दवाइयों से नहीं, बल्कि अपने व्यवहार, विश्वास और संवेदनशीलता से भी मरीजों का इलाज करते हैं। जब मरीज दर्द में होता है, तब उसे दवा के साथ-साथ अपनापन, हौसला और भरोसे की भी जरूरत होती है। कायमगंज के अनेक चिकित्सकों ने अपने सेवा भाव, धैर्य और मानवीय व्यवहार से यह साबित किया है कि चिकित्सा केवल एक पेशा नहीं, बल्कि मानव सेवा का सबसे बड़ा माध्यम है।
इलाज के बाद स्वस्थ हुए कई मरीजों ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि डॉक्टरों का सकारात्मक व्यवहार ही उनकी आधी बीमारी दूर कर देता है। एक मरीज ने भावुक होकर कहा, “डॉक्टर साहब, आपका व्यवहार बहुत ही सकारात्मक और धैर्यवान है। आपने जिस तरह बीमारी के दौरान मुझे समझा और ढांढस बंधाया, उससे मुझे मानसिक रूप से बहुत ताकत मिली। ऐसा लगा कि मैं अकेला नहीं हूँ।”
एक अन्य मरीज ने कहा कि सही समय पर सही बीमारी की पहचान और सटीक इलाज के कारण उसे बहुत जल्दी स्वास्थ्य लाभ मिला। उनका कहना था कि डॉक्टरों की विशेषज्ञता, अनुभव और समर्पण ने उन्हें नई जिंदगी दी है। मरीजों के अनुसार, जब डॉक्टर पूरे मन से मरीज की बात सुनते हैं और उसकी छोटी-छोटी परेशानियों पर भी ध्यान देते हैं, तभी इलाज पूरी तरह सफल होता है।
लोगों का कहना है कि आज के समय में जहां चिकित्सा क्षेत्र लगातार आधुनिक होता जा रहा है, वहीं मरीजों के प्रति मानवीय संवेदनाएं और आत्मीय व्यवहार सबसे बड़ी दवा बनकर सामने आते हैं। कायमगंज के चिकित्सकों ने न केवल बीमारियों का उपचार किया, बल्कि मरीजों के मन से भय और चिंता को भी दूर करने का प्रयास किया।
मरीजों ने कहा कि इन डॉक्टरों की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि वे जल्दबाजी में मरीज को नहीं टालते, बल्कि उसकी पूरी बात ध्यानपूर्वक सुनते हैं, आवश्यक सलाह देते हैं और हर संभव बेहतर इलाज उपलब्ध कराने का प्रयास करते हैं। यही कारण है कि लोगों का इन चिकित्सकों पर विश्वास लगातार मजबूत होता जा रहा है।
क्षेत्र के जिन चिकित्सकों की मरीजों ने विशेष रूप से सराहना की है, उनमें डॉ. जितेंद्र, डॉ. सचिन, डॉ. अतुल गंगवार, डॉ. हर्ष तिवारी, डॉ. प्रवीन रस्तोगी, डॉ. प्रदोष गंगवार, डॉ. शरद गंगवार, डॉ. विकास शर्मा, डॉ. एमपी सिंह, डॉ. अमरेश, डॉ. अमित, डॉ. नदीम खान, डॉ. विपिन, डॉ. मधु अग्रवाल, डॉ. करन सैनी, डॉ. अनुराग कुशवाहा, डॉ. अतुल शाक्य, डॉ. हेमंत गुप्ता, डॉ. वशिष्ठ कटिहार और डॉ. जितेंद्र यादव,डॉ तरुण तरफदार ,शामिल हैं।
मरीजों का कहना है कि ऐसे चिकित्सक समाज के लिए प्रेरणा हैं, क्योंकि वे केवल दवा नहीं देते बल्कि अपने मधुर व्यवहार, धैर्य, आत्मीयता और सेवा भाव से लोगों के जीवन में उम्मीद की नई किरण भी जगाते हैं। समाज को ऐसे समर्पित चिकित्सकों पर गर्व है, जो हर परिस्थिति में मरीजों की सेवा को अपना सर्वोच्च धर्म मानते हैं।
