गंगा दशहरा पर पांचाल घाट में उमड़ा आस्था का महासैलाब, हजारों श्रद्धालुओं ने लगाई पुण्य की डुबकी |

By
Manoj Jauhri
Manoj Jauhri ब्यूरो चीफ (फर्रुखाबाद) - एक अनुभवी पत्रकार हैं, जो राजनीति, अपराध, शिक्षा, मनोरंजन और स्थानीय समाचारों पर पोस्ट करते हैं। वे तथ्यों पर आधारित...
3 Min Read

फर्रुखाबाद |

गंगा दशहरा के पावन पर्व पर बुधवार को ऐतिहासिक पांचाल घाट आस्था और श्रद्धा का केंद्र बन गया। तड़के चार बजे से ही श्रद्धालुओं का गंगा तट पर पहुंचना शुरू हो गया और देखते ही देखते पूरा घाट श्रद्धालुओं की भीड़ से पट गया। “हर-हर गंगे” और “जय मां गंगे” के जयकारों से पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा। सुबह दस बजे तक पांच हजार से अधिक श्रद्धालु गंगा स्नान कर चुके थे, जबकि दिनभर श्रद्धालुओं के आने का सिलसिला जारी रहा।

गंगा दशहरा को लेकर लोगों में विशेष उत्साह दिखाई दिया। देर रात से ही श्रद्धालु पांचाल घाट पहुंचने लगे थे। स्थानीय लोगों के अलावा हरदोई, शाहजहांपुर, कन्नौज, मैनपुरी, कासगंज, एटा और बदायूं समेत आसपास के कई जनपदों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु परिवार सहित गंगा स्नान के लिए पहुंचे। घाट की ओर जाने वाले मार्गों पर सुबह से ही श्रद्धालुओं की लंबी कतारें दिखाई दीं।

गंगा स्नान के बाद श्रद्धालुओं ने विधि-विधान से मां गंगा की पूजा-अर्चना कर परिवार की सुख-समृद्धि और मंगलकामना की। कई श्रद्धालुओं ने मां गंगा को चुनरी और साड़ी अर्पित की, जबकि बड़ी संख्या में लोगों ने दीपदान कर अपनी श्रद्धा व्यक्त की। घाट पर जगह-जगह धार्मिक अनुष्ठान, श्री सत्यनारायण कथा और पूजन कार्यक्रम आयोजित किए गए। अनेक परिवारों ने अपने बच्चों के मुंडन संस्कार भी संपन्न कराए। वहीं सामाजिक सरोकार का परिचय देते हुए कई श्रद्धालुओं ने जरूरतमंदों को फल, मिठाई और खाद्य सामग्री वितरित कर पुण्य अर्जित किया।

गंगा दशहरा के अवसर पर पांचाल घाट पूरी तरह मेले जैसा नजर आया। घाट के आसपास प्रसाद, पूजा सामग्री और खिलौनों की दुकानों पर भी अच्छी खासी भीड़ रही। श्रद्धालुओं ने गंगा तट पर पहुंचकर धार्मिक अनुष्ठानों में भाग लिया और दिनभर भक्ति एवं श्रद्धा का माहौल बना रहा।

श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए थे। घाट पर पुलिस और पीएसी के जवान तैनात रहे तथा पुलिस अधिकारी लगातार गश्त कर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेते रहे। गंगा के दोनों किनारों पर निगरानी बढ़ाई गई थी ताकि किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना को रोका जा सके। यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए पांचाल घाट पुल पर ऑटो और ई-रिक्शा के प्रवेश पर रोक लगाई गई, जिससे श्रद्धालुओं को आवागमन में सुविधा मिल सके और जाम की स्थिति उत्पन्न न हो।

गंगा दशहरा के अवसर पर पांचाल घाट पर उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़ ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि मां गंगा के प्रति लोगों की आस्था आज भी उतनी ही अटूट है। पूरे दिन घाट पर श्रद्धा, भक्ति और धार्मिक उत्साह का अद्भुत संगम देखने को मिला।

Subscribe Newsletter

Loading
Share This Article
Manoj Jauhri ब्यूरो चीफ (फर्रुखाबाद) - एक अनुभवी पत्रकार हैं, जो राजनीति, अपराध, शिक्षा, मनोरंजन और स्थानीय समाचारों पर पोस्ट करते हैं। वे तथ्यों पर आधारित और विश्वसनीय समाचार सामग्री तैयार करने में विशेषज्ञता रखते हैं।
Leave a Comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *