ट्रेन से गिरकर युवक की संदिग्ध मौत, दोस्तों पर लगा बोगी से धक्का देने का आरोप |

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Manoj Jauhri
Manoj Jauhri ब्यूरो चीफ (फर्रुखाबाद) - एक अनुभवी पत्रकार हैं, जो राजनीति, अपराध, शिक्षा, मनोरंजन और स्थानीय समाचारों पर पोस्ट करते हैं। वे तथ्यों पर आधारित...
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फर्रुखाबाद।

जनपद के फतेहगढ़ कोतवाली क्षेत्र के भोलेपुर ऊंचा मोहल्ले के रहने वाले 32 वर्षीय युवक विजय उर्फ विमल कश्यप की ट्रेन से गिरकर संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। घटना के बाद मृतक के परिजनों ने उसके साथ जा रहे दोस्तों पर ही ट्रेन से नीचे धक्का देकर हत्या करने का गंभीर आरोप लगाया है। वहीं, अस्पताल प्रशासन की लापरवाही के कारण कागजों में मृतक की जगह उसके दोस्त का नाम दर्ज कर दिया गया, जिससे कुछ समय के लिए हड़कंप मच गया।

आइसक्रीम बेचने जा रहा था युवक

प्राप्त जानकारी के अनुसार, भोलेपुर ऊंचा निवासी श्याम कश्यप का पुत्र विजय उर्फ विमल कश्यप बीती रात अपने मोहल्ले के दोस्तों— शीलू उर्फ विक्रम चौहान और आशू पंडित के साथ आइसक्रीम बेचने के लिए ट्रेन से कासगंज जा रहा था। लेकिन आज सुबह कोतवाली कायमगंज के ग्राम होतेपुर के पास रेलवे ट्रैक पर विजय का शव लहूलुहान हालत में पड़ा मिला। उसके सिर पर गंभीर चोट के निशान थे।

अस्पताल की बड़ी लापरवाही: मृतक की जगह दर्ज हुआ दोस्त का नाम

घटना की सूचना पर कोतवाली के सिपाही छोटेलाल राजपूत ने शव को कब्जे में लेकर कायमगंज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) पहुंचाया। बताया जा रहा है कि विजय के पास एक झोला बरामद हुआ था। अस्पताल के कर्मचारियों ने जब झोले की तलाशी ली, तो उसमें शीलू चौहान उर्फ विक्रम के दस्तावेज और मोबाइल फोन मिला। बिना पूरी पड़ताल किए अस्पताल प्रशासन ने कागजों में मृतक का नाम शीलू उर्फ विक्रम दर्ज कर दिया।

ऐसे खुला मौत का राज

सच्चाई तब सामने आई जब सुबह विजय की मां रेखा ने अपने बेटे से बात करने के लिए दोस्त विक्रम के मोबाइल पर फोन किया। फोन उठाने वाले व्यक्ति ने बताया कि विक्रम की मौत हो चुकी है। किसी अनहोनी की आशंका के चलते मां रेखा ने मृतक का फोटो व्हाट्सएप पर भेजने को कहा। जब फोटो आई, तो परिवार के पैरों तले जमीन खिसक गई। वह शव विक्रम का नहीं, बल्कि उनके बेटे विजय का था। इसके बाद विजय की मां और पत्नी रानी परिजनों के साथ रोते-बिलखते अस्पताल पहुंचे।

पत्नी और मां ने लगाया हत्या का आरोप

मृतक की पत्नी रानी ने मीडिया को बताया कि रात में जब उसने विजय से बात करने के लिए विक्रम को फोन किया था, तो विक्रम ने सही से बात नहीं की और कहा कि साथियों ने उसे ट्रेन में ही छोड़ दिया है। इस दौरान विक्रम ने फोन पर गाली-गलौज भी की। इसके बाद जब मां रेखा ने दूसरे दोस्त आशू पंडित को फोन लगाया, तो उसने बेहद संदेहास्पद लहजे में कहा, “जब हम जिंदा हैं, तो तुम्हारा बेटा भी जिंदा होगा, टेंशन मत करो।” परिजनों का सीधा आरोप है कि पुरानी रंजिश या किसी विवाद के चलते विक्रम और आशू ने विजय को चलती ट्रेन से धक्का देकर मार डाला है।

पुलिस की कार्रवाई

घटना के बाद से मृतक की मां और पत्नी का रो-रोकर बुरा हाल है। पुलिस ने शव का पंचनामा भरकर उसे पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने और परिजनों की तहरीर के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। मामले की गहराई से जांच जारी है।

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Manoj Jauhri ब्यूरो चीफ (फर्रुखाबाद) - एक अनुभवी पत्रकार हैं, जो राजनीति, अपराध, शिक्षा, मनोरंजन और स्थानीय समाचारों पर पोस्ट करते हैं। वे तथ्यों पर आधारित और विश्वसनीय समाचार सामग्री तैयार करने में विशेषज्ञता रखते हैं।
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