पंचायत सहायकों का फूटा गुस्सा: कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन कर 30 हजार मानदेय समेत उठाईं 5 मांगें |

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Manoj Jauhri
Manoj Jauhri ब्यूरो चीफ (फर्रुखाबाद) - एक अनुभवी पत्रकार हैं, जो राजनीति, अपराध, शिक्षा, मनोरंजन और स्थानीय समाचारों पर पोस्ट करते हैं। वे तथ्यों पर आधारित...
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फर्रुखाबाद |

पंचायत सहायक कर्मचारी यूनियन के बैनर तले सोमवार को जिले भर के पंचायत सहायकों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर कलेक्ट्रेट परिसर में जोरदार प्रदर्शन किया। बड़ी संख्या में जुटे पंचायत सहायकों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए अपनी समस्याओं के समाधान की मांग उठाई। बाद में उन्होंने सिटी मजिस्ट्रेट के माध्यम से मुख्यमंत्री को संबोधित पांच सूत्रीय ज्ञापन सौंपकर शीघ्र कार्रवाई की मांग की।

प्रदर्शनकारियों का कहना था कि ग्राम पंचायतों में डिजिटल सेवाओं के संचालन, सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन, अभिलेखों के रखरखाव और ग्रामीणों को विभिन्न ऑनलाइन सुविधाएं उपलब्ध कराने में पंचायत सहायकों की महत्वपूर्ण भूमिका है। इसके बावजूद उन्हें मात्र छह हजार रुपये प्रतिमाह मानदेय दिया जा रहा है, जो वर्तमान महंगाई के दौर में जीवन-यापन के लिए पर्याप्त नहीं है।

पंचायत सहायकों ने कहा कि सरकार की अधिकांश योजनाओं को गांव-गांव तक पहुंचाने में उनकी अहम जिम्मेदारी रहती है, लेकिन उनकी समस्याओं की ओर अब तक गंभीरता से ध्यान नहीं दिया गया। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो प्रदेश भर के पंचायत सहायक राजधानी लखनऊ में बड़ा धरना-प्रदर्शन करने को बाध्य होंगे।

ज्ञापन में पंचायत सहायकों ने मांग की कि उनका वर्तमान छह हजार रुपये प्रतिमाह मानदेय बढ़ाकर 30 हजार रुपये किया जाए अथवा राज्य सरकार द्वारा निर्धारित न्यूनतम कुशल मजदूरी के अनुरूप भुगतान सुनिश्चित किया जाए। साथ ही संविदा व्यवस्था समाप्त कर स्थायी सेवा नियमावली लागू करने की भी मांग की गई।

महिला पंचायत सहायकों की समस्याओं का उल्लेख करते हुए संगठन ने कहा कि विवाह के बाद कार्यस्थल से जुड़ी कठिनाइयों को देखते हुए उनके लिए स्थानांतरण एवं समायोजन नीति बनाई जानी चाहिए। इसके अलावा ग्राम पंचायत अधिकारी एवं ग्राम विकास अधिकारी के रिक्त पदों पर होने वाली भर्तियों में अनुभवी पंचायत सहायकों को 50 प्रतिशत आरक्षण देने की मांग भी उठाई गई।

ज्ञापन में सभी पंचायत सहायकों और उनके परिवारों को आयुष्मान भारत योजना के तहत स्वास्थ्य बीमा एवं निशुल्क उपचार का लाभ देने की मांग भी प्रमुखता से शामिल रही।

जिला अध्यक्ष दीपक गंगवार ने कहा कि पंचायत सहायक लंबे समय से अपनी जायज मांगों को लेकर संघर्ष कर रहे हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है। उन्होंने कहा कि सरकार को पंचायत सहायकों के हित में जल्द फैसला लेना चाहिए, अन्यथा आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।

प्रदर्शन के दौरान जिला उपाध्यक्ष हिमानी, जिला महामंत्री अभिषेक कुमार सहित जिले के विभिन्न विकास खंडों से आए सैकड़ों पंचायत सहायक मौजूद रहे। कलेक्ट्रेट परिसर में प्रदर्शन के दौरान पंचायत सहायकों ने एकजुटता दिखाते हुए अपनी मांगों के समर्थन में जोरदार नारेबाजी भी की।

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Manoj Jauhri ब्यूरो चीफ (फर्रुखाबाद) - एक अनुभवी पत्रकार हैं, जो राजनीति, अपराध, शिक्षा, मनोरंजन और स्थानीय समाचारों पर पोस्ट करते हैं। वे तथ्यों पर आधारित और विश्वसनीय समाचार सामग्री तैयार करने में विशेषज्ञता रखते हैं।
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