कम्पिल/फर्रुखाबाद |
कम्पिल क्षेत्र के गांव राईपुर चिन्हटपुर निवासी ओमकार (45) पुत्र प्रताप सिंह व रामऔतार (60) पुत्र राम भरोसे दोनों किसान है और एक ही गांव के हैं उक्त दोनों के खेत घर से लगभग चार किलोमीटर की दूरी पर है दोनों ने अपने अपने खेतो में मक्का बोई है और दोनों के खेत पास पास है मक्का की रखबाली करने के लिए दोनों ही खेत के पास पखरिया के नीचे व बारिस आ जाने पर घास फूस की बनाई झोपड़ी पर सोते थे खेतों पर सोने का सिलसिला लगभग 1 साल से चल रहा था।

आग में गंभीर झुलसे रामऔतार को पुलिस इलाज व मेडिकल के लिए सीएचसी लाई जहां इलाज के दौरान रामऔतार ने बताया कि वह और उसका साथी ओमकार झोपडी में सोय हुए थे तभी लगभग सुबह 4 बजे उसकी आँख खुली और उसने देखा कि झोपडी के बाहर तीन अज्ञात लोग खड़े हुए है और उससे कह रहे है कि चुपचाप लेटा रहे अगर जरा सी भी आवाज़ निकाली तो जान से मार देंगे यह सुन वह चुपचाप लेट गया और कुछ देर बाद उसने देखा कि झोपडी आग की लपटो से घिरी हुई है। और उसका साथी ओमकार आग में जल रहा है रामऔतार ने आगे बताया कि वह हिम्मत कर जैसे तैसे आग की लपटो से बचता हुआ झोपडी के बाहर आया लेकिन तब तक वह भी आग में गंभीर झुलस गया था उसने बाहर देखा कि वह अज्ञात तीन लोग वहां से जा चुके थे। और उसका साथी ओमकार आग में जल चुका था। वह वहां से अपने गांव की ओर चला और उसने गांव में व मृतक ओमकार के घर सूचना दी और गांव वालों को लेकर कम्पिल थाने पहुंचा जहाँ पहुंचकर उसने घटना का हवाला पुलिस को दिया। पुलिस ने गंभीर झुलसे रामऔतार को मेडिकल व इलाज के लिए सीएचसी भेजा जहाँ रामऔतार की गंभीर हालत को देखते हुए डॉक्टर ने उसे लोहिया अस्पताल रेफर कर दिया। उधर पुलिस घटना स्थल पर पहुंची और ओमकार के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। वहीं घटना स्थल पर ग्रामीणो की भारी भीड़ लग गईं मृतक की पत्नी गीता देवी व अन्य परिजनों का रो रो कर बुरा हाल था मृतक अपने पीछे दो पुत्रियां व चार पुत्र छोड़ गया जिसमे से एक पुत्री व एक पुत्र की शादी हो चुकी है। वहीं इस घटना से पुलिस सतर्क है और उसने तहकीकात शुरू कर दी है।
