फर्रुखाबाद।
सातनपुर आलू मंडी में किसानों के साथ हो रही कथित अनियमितताओं और शोषण को लेकर भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) के जिला अध्यक्ष अजय कटियार ने गंभीर आरोप लगाए हैं। गुरुवार सुबह मंडी पहुंचकर उन्होंने व्यवस्थाओं का जायजा लिया और अधिकारियों पर लापरवाही का आरोप लगाया।
अजय कटियार सुबह करीब 9 बजे मंडी सचिव से मिलने उनके कार्यालय पहुंचे, लेकिन कार्यालय बंद मिला। इसके बाद उन्होंने मंडी परिसर का निरीक्षण किया। इस दौरान किसानों के ठहरने के लिए बने किसान भवन पर धान क्रय केंद्र का बोर्ड लगा मिला और भवन पर ताला बंद था, जिससे दूर-दराज से आने वाले किसानों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
निरीक्षण के दौरान उन्होंने पाया कि मंडी में आलू की बिक्री अब भी कथित रूप से ‘अंगौछे के अंदर’ की जा रही है। आरोप है कि इस प्रक्रिया में किसानों को अपनी फसल के वास्तविक भाव की जानकारी नहीं हो पाती, जिससे उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है।
जिला अध्यक्ष ने बताया कि संगठन पिछले कई दिनों से मंडी की गतिविधियों पर नजर बनाए हुए है। उन्होंने कहा कि आढ़तियों और व्यापारियों के बीच होने वाली इस तरह की बिक्री के वीडियो भी संगठन के पास मौजूद हैं। उन्होंने यह भी कहा कि जिला अधिकारी द्वारा आलू की बिक्री खुली बोली से कराने के स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं, लेकिन उनका पालन नहीं हो रहा है।
अजय कटियार ने मंडी प्रशासन पर सवाल उठाते हुए कहा कि जब मंडी सचिव का कार्यालय समय पर नहीं खुलता, तो किसानों की समस्याओं का समाधान कैसे होगा। उन्होंने किसानों के लिए मूलभूत सुविधाओं की कमी पर भी नाराजगी जताई।
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही अनियमितताओं पर रोक नहीं लगाई गई, तो भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) फर्रुखाबाद द्वारा सातनपुर आलू मंडी में बड़ा आंदोलन किया जाएगा। साथ ही उन्होंने कहा कि इस पूरे मामले से संगठन के राष्ट्रीय प्रवक्ता चौधरी राकेश टिकैत को अवगत कराया जाएगा और उनके नेतृत्व में आगे की रणनीति तय की जाएगी।
भाकियू ने मांग की है कि मंडी में पारदर्शी व्यवस्था लागू की जाए, ‘अंगौछा प्रथा’ पर तत्काल रोक लगे और किसानों को सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं।
