फर्रुखाबाद।
समाजवादी पार्टी के फर्रुखाबाद जिला कार्यालय पर संत शिरोमणि नामदेव जी महाराज की जयंती नहीं मनाए जाने का मामला सामने आया है। इसको लेकर काकुत्स्थ नामदेव क्षत्रिय महासभा (पंजीकरण संख्या 3390) के प्रदेश मीडिया प्रभारी काकुत्स्थ विनय सक्सेना ने समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को पत्र लिखकर अपनी आपत्ति दर्ज कराई है। उन्होंने मामले का संज्ञान लेकर उचित कार्रवाई किए जाने की मांग की है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के निर्देश पर प्रदेश अध्यक्ष श्यामलाल पाल ने उत्तर प्रदेश के सभी जिला अध्यक्षों को पत्र भेजकर जिला पार्टी कार्यालयों पर संत शिरोमणि नामदेव जी महाराज की जयंती मनाने के निर्देश दिए थे। इस पहल से नामदेव समाज सहित अन्य लोगों में संत के प्रति सम्मान और उनके विचारों को जन-जन तक पहुंचाने की उम्मीद जगी थी।
हालांकि, काकुत्स्थ विनय सक्सेना ने आरोप लगाया है कि फर्रुखाबाद स्थित समाजवादी पार्टी के जिला कार्यालय पर प्रदेश नेतृत्व के निर्देशों की अनदेखी की गई। उनके अनुसार, जिला कार्यालय पर संत शिरोमणि नामदेव जी महाराज की जयंती मनाना तो दूर, उनके नाम का उल्लेख तक नहीं किया गया। इस घटनाक्रम से नामदेव समाज के लोगों की भावनाएं आहत हुई हैं।
पत्र में सामाजिक सम्मान और संगठनात्मक जवाबदेही का उठाया मुद्दा
अखिलेश यादव को लिखे पत्र में विनय सक्सेना ने कहा कि संत शिरोमणि नामदेव जी महाराज केवल काकुत्स्थ एवं नामदेव समाज के ही नहीं, बल्कि संपूर्ण मानव समाज के लिए भक्ति, प्रेम, समानता और सामाजिक समरसता के प्रतीक हैं। उनकी शिक्षाएं समाज को भेदभाव से ऊपर उठकर मानवता के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देती हैं।
उन्होंने कहा कि जब प्रदेश नेतृत्व की ओर से जयंती मनाने के निर्देश जारी किए गए थे, तो जिला स्तर पर उनका पालन नहीं होना गंभीर विषय है। ऐसी घटनाओं से सामाजिक सम्मान और सभी वर्गों को साथ लेकर चलने के पार्टी के संदेश पर सवाल खड़े होते हैं।
जिला संगठन से स्पष्टीकरण लेने की मांग
काकुत्स्थ विनय सक्सेना ने राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव से मांग की है कि फर्रुखाबाद के मामले का संज्ञान लेकर संबंधित जिला संगठन से स्पष्टीकरण मांगा जाए। साथ ही, संत शिरोमणि नामदेव जी महाराज के सम्मान में उचित कार्यक्रम आयोजित कराने तथा भविष्य में प्रदेश नेतृत्व के निर्देशों का पालन सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएं।
उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य किसी व्यक्ति विशेष का अपमान करना नहीं, बल्कि संत शिरोमणि नामदेव जी महाराज के प्रति सम्मान सुनिश्चित कराना और समाज की भावनाओं को पार्टी के शीर्ष नेतृत्व तक पहुंचाना है।
