फर्रुखाबाद |
शहर के छोटी जेल चौराहे के पास मंगलवार को एक अनियंत्रित स्कूटी सवार महिला होमगार्ड ने साइकिल सवार को जोरदार टक्कर मार दी। इस हादसे में साइकिल सवार व्यक्ति घायल हो गया और उसकी साइकिल पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। घटना के बाद मौके पर पहुंची ट्रैफिक पुलिस की भूमिका को लेकर स्थानीय लोगों और प्रत्यक्षदर्शियों में गहरा आक्रोश व्याप्त है। ट्रैफिक पुलिस पर पीड़ित की मदद करने के बजाय आरोपी महिला होमगार्ड का पक्ष लेने और उसे बचाने का गंभीर आरोप लगा है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, मानिकपुर निवासी बृजेश कुमार पुत्र मकसूदन अपनी साइकिल से कोर्ट/कचहरी किसी तारीख पर जा रहे थे। जैसे ही वह छोटी जेल चौराहे के समीप पहुंचे, तभी स्कूटी (संख्या UP76AM5895) पर सवार एक महिला होमगार्ड ने लापरवाही से वाहन चलाते हुए उनकी साइकिल में सीधी टक्कर मार दी। टक्कर इतनी तेज थी कि बृजेश कुमार सड़क पर गिरकर घायल हो गए और उनकी साइकिल भी टूट गई।
घटना घटते ही मौके पर राहगीरों की भीड़ जमा हो गई। चौराहे पर तैनात ट्रैफिक पुलिसकर्मी भी घटनास्थल पर पहुंच गए। पीड़ित बृजेश कुमार का आरोप है कि पुलिसकर्मियों ने इंसानियत और कानून को दरकिनार करते हुए महिला होमगार्ड के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की। उल्टा, ट्रैफिक पुलिस पीड़ित साइकिल सवार बृजेश को ही डांटने-फटकारने (हड़काने) लगी और मौका पाकर महिला होमगार्ड को सुरक्षित वहां से रवाना कर दिया।
घायल बृजेश कुमार अपनी टूटी हुई साइकिल लेकर काफी देर तक मौके पर मदद की गुहार लगाता रहा, लेकिन ट्रैफिक पुलिस ने उसकी एक न सुनी और सहायता करने से साफ इनकार कर दिया।
इस पूरी घटना के बाद से स्थानीय पुलिस और ट्रैफिक विभाग की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। कानून की रक्षा करने वाली पुलिस का ऐसा पक्षपातपूर्ण और असंवेदनशील रवैया जनता के बीच चर्चा और रोष का विषय बना हुआ है। पीड़ित ने निष्पक्ष जांच और उचित कार्रवाई की मांग की है।

