रिपोर्टर सुधीर सिंह |
कायमगंज/फर्रुखाबाद |
नगर के विभिन्न वार्डों व फूलमती मंदिर से होकर गुजरने वाले मुख्य नाले के दोनों ओर उगी बड़ी-बड़ी और घनी घास तथा झाड़ियों के कारण स्थानीय निवासियों का जीना दूभर हो गया है। महीनों से सफाई न होने के कारण नाले के किनारों पर जमी इस अनियंत्रित झाड़ी-घास ने नाले की चौड़ाई को कम कर दिया है, जिससे पानी के प्राकृतिक बहाव में गंभीर रुकावट आ रही है।

स्थानीय लोगों का आरोप है कि नगर पालिका परिषद इस पूरी स्थिति से भली-भांति अवगत होने के बावजूद पूरी तरह से बेपरवाह बनी हुई है। बारिश या जलभराव की स्थिति में नाले का गंदा पानी उफान मारकर लोगों के घरों तक पहुँचने लगता है, जिससे पूरे क्षेत्र में बदबू और गंदगी का माहौल बना हुआ है।

बीमारियों, जानवरों और जहरीले जीवों का बना डर
नाले के किनारों पर जमी इस घनी घास की वजह से मच्छर, जहरीले कीड़े-मकोड़े और सांप-बिच्छू जैसे खतरनाक जीवों का बसेरा बन गया है। इससे आसपास के इलाकों में डेंगू, मलेरिया और अन्य संक्रामक बीमारियों के फैलने का खतरा काफी बढ़ गया है। छोटे बच्चों और बुजुर्गों के लिए शाम के समय घरों से बाहर निकलना भी जोखिम भरा साबित हो रहा है।
निर्माणाधीन प्राथमिक विद्यालय धूना मार्ग

नागरिकों ने दी आंदोलन की चेतावनी
क्षेत्रवासियों का कहना है कि उन्होंने कई बार लिखित और मौखिक रूप से नगर पालिका परिषद के अधिकारियों को अवगत कराया, लेकिन हर बार केवल आश्वासन देकर मामला टाल दिया जाता है। जमीनी स्तर पर नाले की झाड़ियों की छंटाई या तलहटी की सफाई का कोई काम नहीं किया गया।
नाराज निवासियों ने चेतावनी दी है कि यदि नगर पालिका परिषद ने जल्द से जल्द विशेष अभियान चलाकर नाले के किनारे से घास-फूस की सफाई नहीं कराई, तो वे मुख्य कार्यालय का घेराव करने और उग्र आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे।

