मंडी चौकी पर न्याय की जगह तारीख; शिकायतकर्ता पर ही भड़के सिपाही, पीड़ित को इंसाफ नहीं |

By
Manoj Jauhri
Manoj Jauhri ब्यूरो चीफ (फर्रुखाबाद) - एक अनुभवी पत्रकार हैं, जो राजनीति, अपराध, शिक्षा, मनोरंजन और स्थानीय समाचारों पर पोस्ट करते हैं। वे तथ्यों पर आधारित...
5 Min Read

कायमगंज/फर्रुखाबाद |

Ad image

मारपीट की शिकायत लेकर पुलिस चौकी पहुंचे पीड़ित को कथित तौर पर तत्काल कार्रवाई मिलने के बजाय लगातार तारीख पर तारीख जैसी स्थिति का सामना करना पड़ रहा है। पीड़ित पक्ष का आरोप है कि उसने 16 सितंबर 2026 को मंडी चौकी पर लिखित प्रार्थना पत्र देकर पूरे मामले की शिकायत की थी, लेकिन अभी तक आरोपी के खिलाफ कोई स्पष्ट पुलिस कार्रवाई नहीं की गई। चौकी स्तर से पीड़ित को यह कहकर टाल दिया गया कि दोनों पक्षों को बुलाकर आमने-सामने बैठाया जाएगा।

पीड़ित के मुताबिक, शिकायत में नेत्रपाल पर मारपीट किए जाने का आरोप लगाया गया है। प्रार्थना पत्र में पीड़ित ने घटना से संबंधित अपनी परेशानी बताते हुए पुलिस से कार्रवाई की मांग की है। शिकायत के बाद जब पीड़ित पक्ष पुलिस से कार्रवाई की उम्मीद लगाए बैठा रहा, तो उसे लगातार आरोपी पक्ष को बुलाकर आमने-सामने कराने की बात कही जाती रही।

18 सितंबर को फिर मंडी चौकी पहुंचा पीड़ित, सिपाही से हुई बातचीत ने बढ़ाई परेशानी

शुक्रवार 18 सितंबर 2026 को पीड़ित पक्ष दोबारा मंडी चौकी पहुंचा। पीड़ित का आरोप है कि वहां मौजूद सिपाही छोटेलाल ने उससे बातचीत के दौरान कार्रवाई की बात करने के बजाय उसे ही उल्टा जवाब दिया और कथित तौर पर धमकाने का प्रयास किया। पीड़ित के अनुसार सिपाही ने कहा कि “विवेक, तुम तो फोन भी नहीं उठाते हो, बहुत बड़े अपने आपको गुंडा बनाए हो।”

इस पर विवेक ने जवाब देते हुए कहा कि वह बाहर केले का काम करता है और उसके पास बताई जा रही बातचीत की कोई अपनी रिकॉर्डिंग या वीडियो नहीं है। पीड़ित ने यह भी स्पष्ट किया कि जिस बातचीत की बात की जा रही है, वह उसके चाचा की ऑडियो है, जिसमें पुलिस से बातचीत हुई थी।

पीड़ित पक्ष का कहना है कि वह न्याय की उम्मीद में मंडी चौकी के चक्कर काट रहा है, लेकिन अभी तक उसकी शिकायत पर ठोस कार्रवाई नहीं हुई। उसका आरोप है कि जिस व्यक्ति पर मारपीट करने का आरोप लगाया गया है, उसे पुलिस द्वारा पूछताछ के लिए नहीं बुलाया जा रहा, जबकि शिकायतकर्ता पक्ष से बार-बार पूछताछ और कथित रूप से सख्त लहजे में बातचीत की जा रही है।

‘आरोपी को क्यों नहीं बुलाया जा रहा?’ पीड़ित ने उठाए सवाल

पीड़ित पक्ष ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि यदि दोनों पक्षों को आमने-सामने बैठाकर मामले की जानकारी लेनी है तो शिकायत में नामजद बताए जा रहे व्यक्ति को भी बुलाकर उसका पक्ष क्यों नहीं लिया जा रहा? पीड़ित का कहना है कि नेत्रपाल के बारे में पुलिस को बताया गया है कि वह बाहर गया हुआ है, जबकि उसके अनुसार वह ग्राम जोर में रह रहा है। इसी बात को लेकर पीड़ित ने पुलिस से आरोपी को बुलाकर पूछताछ करने की मांग की है।

पीड़ित का आरोप है कि सिपाही छोटेलाल द्वारा बार-बार उसे ही दबाव में लेने और धमकाने जैसा व्यवहार किया जा रहा है, जबकि वह स्वयं शिकायतकर्ता है और पुलिस से सुरक्षा व न्याय की मांग कर रहा है। पीड़ित का कहना है कि यदि उसके खिलाफ कोई शिकायत या आरोप है तो उसकी भी जांच की जाए, लेकिन मारपीट की शिकायत पर निष्पक्ष जांच और आरोपी से पूछताछ भी होनी चाहिए।

मंडी चौकी के चक्कर काट रहा पीड़ित, कार्रवाई का इंतजार

16 सितंबर को दिए गए प्रार्थना पत्र के बाद 18 सितंबर को दोबारा मंडी चौकी पहुंचने के बावजूद कार्रवाई न होने से पीड़ित पक्ष परेशान है। अब पीड़ित ने पुलिस अधिकारियों से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने, शिकायत में लगाए गए मारपीट के आरोपों की जांच करने, संबंधित व्यक्ति को बुलाकर पूछताछ करने तथा चौकी पर उसके साथ हुए कथित व्यवहार की भी जांच कराने की मांग की है।

पीड़ित का कहना है कि उसे किसी से विवाद नहीं चाहिए, बल्कि शिकायत पर निष्पक्ष जांच और कानून के अनुसार कार्रवाई चाहिए। मामले में पुलिस का आधिकारिक पक्ष सामने आने के बाद ही आरोपों की पूरी स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

Subscribe Newsletter

Loading
Share This Article
Manoj Jauhri ब्यूरो चीफ (फर्रुखाबाद) - एक अनुभवी पत्रकार हैं, जो राजनीति, अपराध, शिक्षा, मनोरंजन और स्थानीय समाचारों पर पोस्ट करते हैं। वे तथ्यों पर आधारित और विश्वसनीय समाचार सामग्री तैयार करने में विशेषज्ञता रखते हैं।
Leave a Comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *