फर्रुखाबाद न्यूज़:- बाढ़ के खौफ पर भारी पड़ी किलकारी: शमसाबाद में रेस्क्यू के दो घंटे बाद महिला ने स्वस्थ बेटे को दिया जन्म |

By
Manoj Jauhri
Manoj Jauhri ब्यूरो चीफ (फर्रुखाबाद) - एक अनुभवी पत्रकार हैं, जो राजनीति, अपराध, शिक्षा, मनोरंजन और स्थानीय समाचारों पर पोस्ट करते हैं। वे तथ्यों पर आधारित...
3 Min Read

शमसाबाद/फर्रुखाबाद |

Ad image

चारों तरफ बाढ़ का पानी, आवागमन के रास्ते बंद और हर कदम पर चुनौती… ऐसे मुश्किल हालात के बीच शमसाबाद क्षेत्र में इंसानियत और प्रशासनिक तत्परता की ऐसी तस्वीर सामने आई, जिसने हर किसी को राहत दी। बाढ़ प्रभावित इलाके से सुरक्षित निकाली गई गर्भवती महिला ने अस्पताल पहुंचने के महज दो घंटे बाद स्वस्थ बेटे को जन्म दिया। मां और नवजात दोनों पूरी तरह स्वस्थ हैं।

बाढ़ के बीच गर्भवती महिलाओं को समय पर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के लिए स्वास्थ्य विभाग और तहसील प्रशासन लगातार संयुक्त अभियान चला रहा है। प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. अलीम अंसारी, बीसीपीएम साधना और बीपीएम आशुतोष कुमार के नेतृत्व में स्वास्थ्य टीम बाढ़ प्रभावित गांवों और ढाईघाट मार्ग पर लगातार निगरानी कर रही है। टीम ने अब तक करीब 15 गर्भवती महिलाओं को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया है।

बाढ़ के पानी के बीच कहीं नाव तो कहीं स्टीमर और ट्रैक्टर का सहारा लिया गया। गर्भवती महिलाओं को पहले सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया गया और आवश्यकता के अनुसार 102 एंबुलेंस की मदद से अस्पताल या सुरक्षित शिविरों में भेजा गया। स्वास्थ्य कर्मियों की इस तत्परता से कई परिवारों को बड़ी राहत मिली है।

रेस्क्यू के बाद अस्पताल पहुंची महिला, दो घंटे में गूंजी किलकारी

इसी अभियान के दौरान दक्षिण पैलानी निवासी आरिफ की पत्नी असलीमन को 7 सितंबर को बाढ़ प्रभावित क्षेत्र से सुरक्षित निकालकर 102 एंबुलेंस की सहायता से अस्पताल पहुंचाया गया। असलीमन को दोपहर 2:40 बजे अस्पताल में भर्ती कराया गया। चिकित्सकों की निगरानी में उपचार के बाद ठीक दो घंटे बाद शाम 4:40 बजे उन्होंने स्वस्थ बेटे को जन्म दिया।

नवजात का वजन 2.53 किलोग्राम बताया गया है। प्रसव के बाद जच्चा और बच्चा दोनों स्वस्थ हैं। बाढ़ के बीच सुरक्षित प्रसव होने की खबर मिलते ही परिवार में खुशी की लहर दौड़ गई।

राजस्व टीम भी मैदान में, लगातार हो रही निगरानी

बाढ़ राहत अभियान में तहसील प्रशासन की भूमिका भी अहम रही। क्षेत्रीय लेखपाल और राजस्व निरीक्षक प्रभावित क्षेत्रों में लगातार मौजूद रहकर जमीनी स्थिति की जानकारी अधिकारियों तक पहुंचा रहे हैं। वहीं नायब तहसीलदार, तहसीलदार और उपजिलाधिकारी स्तर से भी राहत एवं बचाव कार्यों की लगातार निगरानी की जा रही है।

स्वास्थ्य विभाग, राजस्व विभाग और अन्य संबंधित विभागों के बीच बेहतर समन्वय के चलते बाढ़ प्रभावित परिवारों तक राहत सामग्री के साथ जरूरी स्वास्थ्य सेवाएं भी पहुंचाई जा रही हैं।

मुश्किल हालात में प्रशासन की तत्परता बनी उम्मीद

बाढ़ जैसी आपदा में सबसे बड़ी चुनौती गर्भवती महिलाओं और गंभीर मरीजों को समय पर अस्पताल पहुंचाना होती है। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग और तहसील प्रशासन द्वारा नाव, स्टीमर, ट्रैक्टर और एंबुलेंस के जरिए सुरक्षित परिवहन की व्यवस्था करना राहत भरा कदम साबित हो रहा है।

Subscribe Newsletter

Loading
Share This Article
Manoj Jauhri ब्यूरो चीफ (फर्रुखाबाद) - एक अनुभवी पत्रकार हैं, जो राजनीति, अपराध, शिक्षा, मनोरंजन और स्थानीय समाचारों पर पोस्ट करते हैं। वे तथ्यों पर आधारित और विश्वसनीय समाचार सामग्री तैयार करने में विशेषज्ञता रखते हैं।
Leave a Comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *