फर्रुखाबाद न्यूज़:- रावण की भक्ति का साक्षी तुषौर शिवलिंग: दर्शन मात्र से मिलता है गोला गोकर्णनाथ का फल |

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Manoj Jauhri
Manoj Jauhri ब्यूरो चीफ (फर्रुखाबाद) - एक अनुभवी पत्रकार हैं, जो राजनीति, अपराध, शिक्षा, मनोरंजन और स्थानीय समाचारों पर पोस्ट करते हैं। वे तथ्यों पर आधारित...
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राजेपुर/फर्रुखाबाद |

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थाना राजेपुर क्षेत्र ग्राम तुषौर में स्थित प्राचीन शिव मंदिर की धार्मिक मान्यता दूर दूर तक प्रसिद्ध है। मान्यता है कि यहां स्थापित शिवलिंग की स्थापना स्वयं लंकापति रावण ने की थी। श्रद्धालुओं को विश्वास है कि मंदिर में भगवान शिव का पूजन करने से गोला गोकर्णनाथ के समान पुण्य लाभ प्राप्त होता है।सावन और शिवरात्रि के अवसर पर यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचकर भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक करते हैं।फर्रुखाबाद शहर से करीब 12 किलोमीटर दूर बरेली हाइवे के पश्चिम दिशा में स्थित तुषौर गांव में प्राचीन शिव मंदिर बना हुआ है। धार्मिक मान्यता के अनुसार चक्रतीर्थ नैमिषारण्य, सीतापुर की चारों दिशाओं में चार-चार योजना की दूरी पर चार शिवालय स्थित है।उनमें उत्तर दिशा में गोला गोकर्णनाथ, पूर्व में पाण्डेश्वर नाथ बाराबंकी,दक्षिण में खेरेश्वरनाथ कानपुर और पश्चिम दिशा में चन्द्रखेरनाथ तुषौर फर्रुखाबाद का नाम लिया जाता है। गंगाजल बेलपत्र और खीर चढ़ाने की परम्परा मंदिर में विराजमान शिवलिंग पर श्रद्धालु गंगाजल खीर अर्पित करते हैं। सावन के महीने में प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां पहुंचकर भगवान शिव का जलाभिषेक और पूजा अर्चना करते हैं। सावन शुक्ल पक्ष की तेरस तथा महाशिवरात्रि के अवसर पर मंदिर परिसर में मेले का आयोजन भी होता है।शिवलिंग पर आज भी है गोली के निशान गांव के बुजुर्ग शंकर सहाय बताते हैं कि बर्ष 1955 में मंदिर का जीणोद्धार कराया गया था। इससे पहले मंदिर ककइया ईंटों से बना हुआ था।उनके अनुसार मंदिर में ब्रह्मानंद सरस्वती पुजारी के रूप में सेवा करते थे। ग्रामीणों के मुताबिक एक मुग़ल शासक के समय मंदिर को क्षतिग्रस्त किया गया था।शिवलिंग पर गोली लगने के निशान आज भी मौजूद होने की बात कही जाती है। मंदिर परिसर में बनी राधा कृष्ण और मां दुर्गा के मंदिर में गांव की रामलली ने राधा कृष्ण और मां दुर्गा के मंदिरों का निर्माण कराया है। इसके साथ ही भव्य द्वार भी बनवाया गया है।रायलली मंदिर परिसर में रहकर भजन-पूजन करतीं हैं।मंदिर में बाबा द्वारा नियमित रूप से भगवान शिव की पूजा अर्चना की जाती है प्राचीन धार्मिक मान्यताओं और ऐतिहासिक कथाओं से जुड़ा तुषौर का यह शिव मंदिर आज भी श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र बना हुआ है। सावन के महीने में यहां भक्तों की आवाजाही बढ़ जाती है और पूरा मंदिर परिसर हर हर महादेव के जयकारों से गूंज उठता है।

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Manoj Jauhri ब्यूरो चीफ (फर्रुखाबाद) - एक अनुभवी पत्रकार हैं, जो राजनीति, अपराध, शिक्षा, मनोरंजन और स्थानीय समाचारों पर पोस्ट करते हैं। वे तथ्यों पर आधारित और विश्वसनीय समाचार सामग्री तैयार करने में विशेषज्ञता रखते हैं।
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