कायमगंज / फर्रुखाबाद।
नगर पालिका की कथित लापरवाही के चलते कायमगंज नगर में लगाए गए सार्वजनिक शीतल पेयजल (वाटर फ्रीजर) अब लोगों की प्यास बुझाने के बजाय जान का खतरा बनते दिखाई दे रहे हैं। नगर के तहसील चौकी के समीप स्थापित सार्वजनिक वाटर फ्रीजर में विद्युत करंट दौड़ने की शिकायत लंबे समय से की जा रही है, लेकिन संबंधित अधिकारियों द्वारा समय रहते कोई प्रभावी कार्रवाई न किए जाने से स्थानीय लोगों में भारी नाराजगी है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि तहसील चौकी के पास अस्पताल, न्यायालय, डाकघर और अन्य सरकारी कार्यालय होने के कारण यहां पूरे दिन भारी संख्या में लोगों का आवागमन रहता है। उमस भरी गर्मी में राहगीर इसी वाटर फ्रीजर से ठंडा पानी पीकर राहत महसूस करते थे, लेकिन अब उसमें करंट आने की वजह से उसे बंद कर दिया गया है। इससे लोगों को शीतल पेयजल की सुविधा भी नहीं मिल पा रही है और हर समय किसी बड़े हादसे की आशंका बनी हुई है।
लोगों का आरोप है कि कई बार नगर पालिका और संबंधित अधिकारियों को इस गंभीर समस्या से अवगत कराया गया, लेकिन शिकायतों को गंभीरता से नहीं लिया गया। यदि समय रहते किसी ने अनजाने में करंट की चपेट में आकर जान गंवा दी तो इसकी जिम्मेदारी किसकी होगी, यह बड़ा सवाल खड़ा हो गया है।
इसी प्रकार जवाहरगंज स्थित सब्जी मंडी में लगे सार्वजनिक वाटर फ्रीजर में भी करंट आने की शिकायत सामने आई है। भारतीय किसान यूनियन (धरतीपुत्र) के प्रदेश सचिव मुन्नालाल सक्सेना ने बताया कि उन्होंने कई बार संबंधित अधिकारियों को इसकी सूचना दी, लेकिन आज तक न तो फ्रीजर की मरम्मत कराई गई और न ही लोगों की सुविधा बहाल हो सकी। फिलहाल वह फ्रीजर भी बंद पड़ा है, जिससे बाजार आने वाले व्यापारी, ग्राहक और राहगीर ठंडे पानी की सुविधा से वंचित हैं।
भाकियू नेता मुन्नालाल सक्सेना एवं नगर अध्यक्ष राजेश कुमार राजपूत ने नगर पालिका प्रशासन से दोनों सार्वजनिक वाटर फ्रीजरों की तत्काल जांच कराकर सुरक्षित ढंग से मरम्मत कराने और आम जनता के लिए शीघ्र चालू कराने की मांग की है।
नगरवासियों का कहना है कि यदि समय रहते इन खराब सार्वजनिक पेयजल केंद्रों की मरम्मत नहीं कराई गई तो कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है। लोगों ने जिलाधिकारी और नगर पालिका के उच्च अधिकारियों से मामले का संज्ञान लेकर जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय करने तथा तत्काल कार्रवाई करने की मांग की है।
