फर्रुखाबाद के सरकारी स्कूल में बदला शिक्षा का परिदृश्य, फाइव स्टार रेटिंग से चमका प्रा० विद्यालय कुसमापुर |

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Manoj Jauhri
Manoj Jauhri ब्यूरो चीफ (फर्रुखाबाद) - एक अनुभवी पत्रकार हैं, जो राजनीति, अपराध, शिक्षा, मनोरंजन और स्थानीय समाचारों पर पोस्ट करते हैं। वे तथ्यों पर आधारित...
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फर्रुखाबाद।

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शिक्षक दिवस के अवसर पर जनपद फर्रुखाबाद से शिक्षकों के समर्पण और कर्तव्यनिष्ठा की एक प्रेरणादायक तस्वीर सामने आई है। विकासखंड राजेपुर में प्राकृतिक आपदा और बाढ़ की गंभीर चुनौती के बीच भी शिक्षकों ने अपने दायित्वों का निर्वहन करते हुए बच्चों की पढ़ाई को बाधित नहीं होने दिया।

खंड शिक्षा अधिकारी (बीईओ) राजेपुर राजीव श्रीवास्तव ने शिक्षक दिवस पर सभी अध्यापकों को शुभकामनाएं देते हुए उनके प्रयासों की भूरि-भूरि प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि शिक्षक समाज में अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। अपनी मेहनत, अनुभव और लगन से देश की भावी पीढ़ी का भविष्य उज्ज्वल करना ही शिक्षक पद की असली गरिमा है।

बाढ़ शरणालय में भी जारी रहा शैक्षणिक कार्य

खंड शिक्षा अधिकारी ने बताया कि विकासखंड राजेपुर के अति बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों—तीसराम की मढ़ैया, कुतलूपुर, किराचन और कुड़री सारंगपुर—में विपरीत परिस्थितियों के बावजूद विद्यालयों का संचालन किया गया। इसके अलावा, चित्रकूट विद्यालय का शैक्षणिक कार्य बाढ़ शरणालय में ही संचालित कराया जाता रहा। शिक्षकों के इस जज्बे के कारण आपदा के समय भी बच्चों की शिक्षा निरंतर चलती रही।

मुख्यमंत्री ने भी थपथपाई थी पीठ

उल्लेखनीय है कि फर्रुखाबाद, अमृतपुर और शमशाबाद की बाढ़ प्रभावित तहसीलों के दौरे के दौरान उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पुलिस लाइन सभागार में आयोजित कार्यक्रम में शिक्षकों के इन प्रयासों की मुक्तकंठ से सराहना की थी। मुख्यमंत्री ने कहा था कि बाढ़ जैसी प्राकृतिक आपदा में भी फर्रुखाबाद के शिक्षकों द्वारा शैक्षणिक कार्य जारी रखना अत्यंत सराहनीय है।

राजेपुर के इन विद्यालयों ने कायम की मिसाल

1. प्राथमिक विद्यालय कुसमापुर (फाइव स्टार रेटिंग प्राप्त)

वर्ष 2021 में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा उद्घाटित यह विद्यालय अपनी उत्कृष्ट व्यवस्थाओं और अनुशासित वातावरण के लिए जनपद भर में अलग पहचान बना चुका है।

  1. सुविधाएं: विद्यालय में स्मार्ट क्लास, आर.ओ. वॉटर, इनवर्टर, रंगीन परिसर और बेहतर मिड-डे मील की व्यवस्था है।
  2. संस्कार और शिक्षा: इंचार्ज प्रधानाध्यापक शिवम दीक्षित और उनके दो सहयोगी शिक्षकों के प्रयास से परिसर में मां सरस्वती का मंदिर स्थापित कराया गया है, जिससे बच्चों को शिक्षा के साथ संस्कार और अनुशासन भी मिल रहा है।

2. प्राथमिक विद्यालय कड़हर (15 से बढ़कर 111 पहुंची छात्रों की संख्या)

ग्राम कड़हर स्थित प्राथमिक विद्यालय में इंचार्ज प्रधानाध्यापक आकाश सिंह राठौर के नेतृत्व में विद्यालय की कायाकल्प हुई है।

  1. 8 वर्षों का सफल सफर: 5 सितंबर 2018 को नियुक्ति के समय विद्यालय में महज 15 से 20 बच्चे आते थे। 5 सितंबर 2026 को अपने 8 वर्ष पूरे होने पर प्रधानाध्यापक ने बताया कि गांव के प्रधान, अभिभावकों और समस्त स्टाफ (सहायक अध्यापक पवन कुमार, गंगेश्वर प्रसाद यादव, श्याम जी अवस्थी तथा शिक्षामित्र रेनू गुप्ता व मनोरमा) के सहयोग से आज नामांकित बच्चों की संख्या 111 तक पहुंच गई है।
  2. शत-प्रतिशत उपस्थिति: बीईओ के निरीक्षण के दौरान भी विद्यालय में 100 से अधिक बच्चे उपस्थित पाए गए। विद्यालय में पाठ्यक्रम आधारित, नैतिक और संस्कारयुक्त पढ़ाई पर विशेष जोर दिया जा रहा है।

अभिभावकों से अपील

शिक्षक दिवस पर प्रधानाध्यापक आकाश सिंह राठौर ने अभिभावकों से अपील की कि वे बच्चों को प्रतिदिन विद्यालय भेजें और उनकी शिक्षा में सहयोग दें, ताकि शिक्षा की गुणवत्ता को और अधिक बेहतर बनाया जा सके।

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Manoj Jauhri ब्यूरो चीफ (फर्रुखाबाद) - एक अनुभवी पत्रकार हैं, जो राजनीति, अपराध, शिक्षा, मनोरंजन और स्थानीय समाचारों पर पोस्ट करते हैं। वे तथ्यों पर आधारित और विश्वसनीय समाचार सामग्री तैयार करने में विशेषज्ञता रखते हैं।
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